इटावा। करवाखेड़ा ज्ञानस्थली विद्यालय में बाल दिवस के शुभ अवसर पर बाल मेले के साथ-साथ विज्ञान प्रदर्शनी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जिसकी अध्यक्षता स्वयं विद्यालय समिति के चैयरमेन शिवप्रसाद यादव ने की। विद्यालय के प्रातःसभा के पूर्व मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर पुष्पहार किया।विद्यालय प्रांगण में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे मुकेश कुमार यादव(ADIOS)का स्वागत किया गया।इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अंशुल तिवारी ने अध्यक्ष व मुख्य अतिथि को फूलों का बुके देकर स्वागत किया।
कार्यक्रम की शुरुआत अध्यक्ष व मुख्य अतिथि ने संयुक्त रूप से फीता काट कर किया।सभी कक्षाओं में आयोजित विषयों के प्रारूपों का निरीक्षण किया।तत्पश्चात सभागार में एकत्रित कार्यक्रम में पधारे सभी अभिभावकों को संबोधित किया।प्रत्यक्ष रूप से हुए अनुभव को उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी एक ऐसा आयोजन होता है जहाँ विभिन्न वस्तुओं,कलाओं, विज्ञान,साहित्य या अन्य शिल्पों का प्रदर्शन किया जाता है।प्रदर्शनी स्थल का वातावरण बेहद उत्साहजनक होता है।प्रदर्शनी में प्रवेश करते ही विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों और उपकरणों की चमकती हुई झलकियां मन को मोहने लगती हैं।प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य छात्रों और आम जनता को विज्ञान के प्रति जागरूक करना और उन्हें नई-नई तकनीकों से अवगत कराना होता है।
प्रदर्शनी के विभिन्न भागों में अलग-अलग विषयों को समर्पित किया जाता है।एक खंड में अंतरिक्ष विज्ञान पर आधारित मॉडलों का प्रदर्शन किया गया था,जिसमें ग्रहों,उपग्रहों और अंतरिक्ष यानों के बारे में जानकारी दी गई।इन मॉडलों ने न केवल विज्ञान के छात्रों को,बल्कि सभी अभिभावकों को भी बहुत आकर्षित किया।दूसरे खंड में ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के महत्व को उजागर किया गया।यहाँ पर सौर ऊर्जा,पवन ऊर्जा और जैविक ईंधन के बारे में जानकारी दी गई।इस खंड ने मुझे ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों के महत्व को समझने में मदद की और यह भी बताया कि हमें अपने ग्रह की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाने चाहिए।
एक अन्य खंड में विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन किया गया था।यहाँ पर छात्रों ने अपनी कल्पनाशक्ति और विज्ञान की समझ का अद्भुत प्रदर्शन किया।एक प्रोजेक्ट में एक छात्र ने पानी से बिजली उत्पन्न करने का तरीका दिखाया, जबकि एक अन्य छात्र ने स्वच्छता के लिए एक नया तरीका प्रस्तुत किया।इन छात्रों के प्रोजेक्ट्स ने यह साबित कर दिया कि हमारी नई पीढ़ी विज्ञान के प्रति कितनी जागरूक और समर्पित है।प्रदर्शनी में विज्ञान के साथ-साथ कला और शिल्प के भी कुछ हिस्से थे। यहाँ पर विभिन्न कलाकारों ने अपनी कलाकृतियों के माध्यम से विज्ञान और कला के बीच के संबंध को प्रस्तुत किया।
कुल मिलाकर,यह प्रदर्शनी न केवल एक शैक्षणिक अनुभव है,बल्कि यह भी दिखाती है कि विज्ञान और कला के माध्यम से समाज को कैसे प्रगति की दिशा में ले जाया जा सकता है।इस प्रदर्शनी ने मेरे अंदर विज्ञान के प्रति और अधिक जिज्ञासा उत्पन्न की और हम सबको अपने ज्ञान का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति प्रमुख शिवमंगल,खेल विभाग प्रमुख वासिफ खान,वित्त विभाग प्रमुख नीरज त्रिपाठी व विद्यालय परिवार के सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे।





