पिछले तीन दिनों से मौसम का रंग बदल गया है। घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच परिषदीय विद्यालयों के बच्चे कांपते हुए स्कूल पहुंचे। बुधवार की सुबह खराब मौसम के बीच यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। चार पहिया वाहन चालकों के साथ मोटरसाइकिल चालक हेडलाइट जला सफर तय करते देखे गए। घने कोहरे के बीच ठंड हवाएं चलती रहीं। दोपहर बाद धूप निकलने से लोग ठंड से राहत महसूस किया।
ठंड का असर इतना था कि बच्चे, बुजुर्ग और अन्य लोग रजाई में दुबके रहे। मजदूर वर्ग कड़ाके की ठंड के बावजूद काम की तलाश में घरों से बाहर निकल गया। परिषदीय विद्यालय सुबह नौ बजे से खुल रहे हैं। कई छात्राएं ठंड से कांपते हुए स्कूल पहुंचीं, जबकि कुछ बच्चों ने स्वेटर भी नहीं पहने थे। सबसे चिंताजनक स्थिति उन गरीब बच्चों की है, जिन्हें स्वेटर के लिए पैसे नहीं मिले हैं और उनके माता-पिता ऊनी कपड़े खरीदने में असमर्थ हैं।





