Thursday, February 12, 2026
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चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी में ‘नारी योजना’ लॉन्च, महिलाओं को तकनीक व स्टार्टअप में नई दिशा

यूपी के युवाओँ को एंटरप्रेन्योरशिप में सशक्त बनाने के उद्देश्य से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी द्वारा स्थापित अत्याधुनिक ‘सीयूबीई – सीयू बिज़नेस एंड एंटरप्रेन्योरशिप सेंटर’ का राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया शुभारंभ

सीयू यूपी द्वारा महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर शुरू की गई ‘नारी योजना’ यूपी की महिलाओं को तकनीक, स्टार्टअप, शोध, स्वास्थ्य, वेलनेस और आत्मनिर्भरता के नए अवसर प्रदान करेगीः राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

यूपी में महिला सशक्तीकरण की दिशा मे चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, यूपी की बड़ी पहल; 2.20 करोड़ की लागत से नारी योजना (नर्चरिंग एआई रेवोल्यूशन फॉर इंक्लूज़न – वुमेन इन टेक) राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया लॉन्च

महिला सशक्तिकरण की ऐतिहासिक पहल ‘नारी योजना’ यूपी की महिलाओं को एआई स्किलिंग से लेकर स्टार्टअप, स्वास्थ्य और नेतृत्व विकास जैसे चार प्रमुख स्तंभो को करेगी सशक्त; हर साल 800 से अधिक महिलाओं को मिलेगा लाभ सर्वाइकल कैंसर से होगा बचाव, सीयू यूपी में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने एचपीवी टीकाकरण अभियान का किया शुभारंभ सीयू यूपी की ‘नारी योजना’ प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत’ विज़न के अहम स्तंभ महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाते हुए यूपी की महिलाओं को स्टार्टअप, रिसर्च, हेल्थकेयर और अकादमिक क्षेत्रों में सशक्त बनाने के लिए करेगी कामः सतनाम सिंह संधू, राज्यसभा सांसद एवं चांसलर, सीयू यूपी 250 करोड़ की लागत से विकसित एआई-इनेबल्ड रेज़िडेंशियल फैसिलिटी; एआई फेशियल रिकॉग्निशन और स्मार्ट सुविधाओं के साथ सीयू यूपी का कैंपस बना हाई-टेक मॉडलः जय इंदर सिंह संधू, मैनेजिंग डायरेक्टर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी

उन्नावः देश की पहली निजी एआई ऑगमेंटेड मल्टीडिसीप्लिनरी यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपने अब तक के सबसे बड़े आयोजनों में से एक ‘सिनर्जी: एआई-ड्रिवन इनोवेशन फॉर वुमेन एम्पावरमेंट’ का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ‘नारी योजना’ (नर्चरिंग एआई रेवोल्यूशन फॉर इंक्लूज़न – वुमेन इन टेक) का शुभारंभ किया।

नारी योजना के तहत सीयू यूपी, पीएम मोदी के विज़न और मिशन विकसित भारत के प्रमुख स्तंभ महिला सशक्तीकरण के तहत उत्तर प्रदेश की महिलाओं को स्टार्टअप, रिसर्च, हेल्थकेयर और अकादमिक में सशक्त बनाने के लिए काम करेगा। वहीं इस अवसर पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने सीयू यूपी में पढ़ रही छात्राओं के लिए अल्ट्रामॉर्डन टेक ड्रिवेन कैंपस रेजिडेंसियल फैसिलिटी का उद्घाटन किया।

सीयू यूपी ने अपने पहले ही शैक्षणिक सत्र में मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर आगे बढ़ते हुए तथा नया मानक स्थापित करते हुए हाइटेक लैब्स, मार्डन इन्फ्रास्ट्रक्चर और एआई पावर्ड क्लासरूम व एआई स्पेस जैसी सुविधाएं छात्र छात्राओं के लिए डेवलप की हैं। इसी क्रम में छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए 250 करोड़ रुपये की लागत से अपनी तरह का पहला हाई-टेक गर्ल्स हॉस्टल विकसित किया है, जो एआई आधारित फेशियल रिकॉग्निशन सहित अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है।

वर्तमान में इसकी क्षमता 480 बेड्स है, जिसे आगामी पाँच वर्षों में विस्तार देकर 4,000 बेड्स तक पहुँचा दिया जाएगा। नारी योजना, नर्चरिंग एआई रेवोल्यूशन फॉर इंक्लूज़न – वुमेन इन टेकः चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, यूपी कैंपस द्वारा विकसित ‘नारी योजना’ उत्तर प्रदेश की महिलाओं को एआई स्किलिंग, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, स्वास्थ्य एवं वेलनेस, और महिला नेतृत्व विकास पर आधारित है। इसके लिए कुल 2.20 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट निर्धारित किया गया है।

योजना के तहत तीन वर्षों में 1500 महिलाओं को टेक स्किल्स, 150 महिला स्टार्टअप्स को सहायता और 2000 महिलाओं की स्वास्थ्य जांच का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल प्रति वर्ष 600–800 महिलाओं को सीधे लाभान्वित करेगी और महिला नेतृत्व को तकनीकी क्षेत्र में नई दिशा देगी। नारी योजना मिशन शक्ति तथा स्टार्टअप नीति के अनुरूप प्रदेश में महिला-प्रधान टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

सी.यू.बी.ई- सीयू बिज़नेस एंड एंटरप्रेन्योरशिप सेंटर का शुभारम्भः यूपी के युवा उद्यमियों को आइडिया से लेकर स्केलेबल स्टार्टअप तक की पूरी यात्रा में सक्षम बनाने के उद्देश्य से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने अत्याधुनिक सीयूबीई – सीयू बिज़नेस एंड एंटरप्रेन्योरशिप सेंटर की शुरुआत की है। यह सेंटर कैपिटल मोबिलाइज़ेशन और स्टार्टअप इन्क्यूबेशन के लिए एक समग्र प्लेटफॉर्म प्रदान करता है, जिसमें 200 घंटे का वूमेन फाउंडर प्रोग्राम ‘क्यूब ट्रैक’ शामिल है, जो बिज़नेस डिज़ाइन, गो-टू-मार्केट स्ट्रेटेजी और कम्प्लायंस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित है।

सीयूबीई के माध्यम से हर साल 50 से अधिक महिला स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेट किया जाएगा, जबकि सीड सपोर्ट पूल के तहत 5 से 10 लाख प्रति स्टार्टअप की सहायता उपलब्ध रहेगी, जिससे 30 से अधिक वूमेन-लेड वेंचर्स को वार्षिक फंडिंग सपोर्ट मिलेगा। इसके साथ ही एंजल एवं वी-सी कनेक्ट्स, पीयर मेंटरिंग सर्किल्स और मार्केट एक्सेस के माध्यम से स्टार्टअप्स को सशक्त बनाया जाएगा, जिससे कम से कम 40 प्रतिशत स्टार्टअप्स की 2-ईयर सर्वाइवल रेट सुनिश्चित होगी।

सीयूबीई को सरकारी योजनाओं जैसे मुद्रा, स्टैंड-अप इंडिया और डब्ल्यू-ई-पी (वूमेन एंटरप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म) से भी इंटीग्रेट किया गया है, जिससे युवाओं और महिला उद्यमियों को सरल और तेज़ कैपिटल एक्सेस, बेहतर डिस्बर्समेंट टाइमलाइन्स और व्यापक ग्रोथ अवसर प्राप्त होंगे। लगभग 60 लाख की एनुअल बजट लागत वाला यह सेंटर हर साल 200 से अधिक नई जॉब्स पैदा करेगा और 50 से अधिक सस्टेनेबल स्टार्टअप्स को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सीयू यूपी में सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभः चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। इस पहल के तहत छात्राओं और महिलाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाकर उन्हें गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से सुरक्षित किया जाएगा। राज्यपाल ने जागरूकता बढ़ाने, समय पर टीकाकरण कराने और महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे महिला स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। यह अभियान कैंसर-रहित और स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में सार्थक पहल है।

सीयू यूपी द्वारा महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर शुरू की गई ‘नारी योजना’ यूपी की महिलाओं को तकनीक, स्टार्टअप, शोध, स्वास्थ्य, वेलनेस और आत्मनिर्भरता के नए अवसर प्रदान करेगीः राज्यपाल आनंदीबेन पटेल इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश में आयोजित सिनर्जी महिला सशक्तिकरण हेतु एआई संचालित नवाचार जैसे दूरदर्शी आयोजन में उपस्थित होना अत्यंत हर्ष का विषय है। यह प्रशंसनीय है कि चंडीगढ़ विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश की पावन धरा पर अपना विस्तार किया है।

लखनऊ में स्थापित होने जा रही एआई सिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस न केवल शिक्षा जगत के लिए असीम संभावनाओं के द्वार खोलते हैं, बल्कि प्रदेश को आगामी तकनीकी क्रांति से जोड़ने वाली एक मजबूत कड़ी साबित होंगे। आज विश्वस्तरीय तकनीक से सुसज्जित रेज़िडेंशियल फैसिलिटी तथा सी.यू.बी.ई का उद्घाटन किया गया, जो बेटियों की उन्नति, सुरक्षा और सम्मान के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश द्वारा महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर शुरू की गई ‘नारी योजना (नर्चरिंग एआई रेवोल्यूशन फॉर इंक्लूज़न – वुमेन इन टेक)’ प्रदेश की बेटियों को तकनीक, स्टार्टअप, शोध, स्वास्थ्य, वेलनेस और आत्मनिर्भरता के नए अवसर प्रदान करेगी। यह योजना भविष्य के भारत को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस पहल से इनोवेशन की नई दिशाएँ और अवसर विकसित होंगे।

आज नारी शक्ति अपने परिश्रम और प्रतिभा से हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है और विकास की आधारशिला बन चुकी है। बेटियों के सुरक्षित आवास और आधुनिक सुविधाओं से लैस यह नया हॉस्टल उनके सपनों को साकार करने का प्रभावी माध्यम बनेगा। यह पहल महिलाओं को तकनीकी क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर उन्होंने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर उसकी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्वता पर प्रकाश डालते हुए छात्र-छात्राओं को इसके महत्त्व से अवगत कराते हुए कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं है यह राष्ट्र की चेतना का उदगार है। संघर्ष का संगीत है और स्वाधीनता का शंखनाद है इसके प्रत्येक शब्द में मातृभूमि की माटी की सुगंध है प्रत्येक पंक्ति में बलिदानियों की स्मृतियां है और प्रत्येक स्वर में भारत के उदय का गर्व छिपा हुआ।

राज्यपाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान उन्होंने चंडीगढ़ विश्वविद्यालय का दौरा करने की सलाह दी थी। विश्वविद्यालय को देखने और परखने के बाद यह अनुभव हुआ कि मात्र दस वर्षों में विश्व की शीर्ष विश्वविद्यालयों में शामिल होने की क्षमता चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में मौजूद है। इसी विश्वास के साथ इस दिशा में कार्य प्रारंभ किया गया। अंत में उन्होंने कहा कि हमें विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ना है, और इसी भावना के साथ चंडीगढ़ विश्वविद्यालय द्वारा उठाए गए ये कदम प्रशंसनीय और प्रेरणादायक हैं। राज्यसभा सांसद और चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश शुरू से ही विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि देश की पहली निजी एआई-ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी के रूप में सीयू यूपी ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने प्रमुख कार्यक्रम ‘सिनर्जी: एआई-ड्रिवन इनोवेशन फॉर वुमेन एम्पावरमेंट’ का आयोजन किया, जहाँ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ‘नारी योजना’ का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि नारी योजना के माध्यम से विश्वविद्यालय एआई स्किलिंग, स्टार्टअप, रिसर्च, हेल्थकेयर और अकादमिक जैसे क्षेत्रों में यूपी की महिलाओं को मजबूत बनाएगा। योजना का 2.20 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट तय किया गया है, जिसके तहत तीन वर्षों में 1500 महिलाओं को टेक स्किल्स, 150 महिला स्टार्टअप्स को सहायता और 2000 महिलाओं की स्वास्थ्य जांच का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने बताया कि सीयू यूपी पहले ही वर्ष में 750 छात्राओं को 7.50 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप भी दी है। सीयू यूपी आने वाले वर्षों में भी महिलाओं की शिक्षा, कौशल, उद्यमिता और एआई आधारित भविष्य को मजबूत करने के लिए निरंतर काम करता रहेगा। 250 करोड़ की लागत से विकसित एआई-इनेबल्ड रेज़िडेंशियल फैसिलिटी; एआई फेशियल रिकॉग्निशन और स्मार्ट सुविधाओं के साथ सीयू यूपी का कैंपस बना हाई-टेक मॉडलः जय इंदर सिंह संधू, मैनेजिंग डायरेक्टर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी के मैनेजिंग डायरेक्टर जय इंदर सिंह संधू ने बताया कि देश की पहली एआई आधारित यह यूनिवर्सिटी 2,500 करोड़ रुपये की लागत से 63 एकड़ में विकसित की गई है और उत्तर प्रदेश को तकनीकी शिक्षा का हब बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। हाइटेक एआई लैब्स, रिसर्च सेंटर, डेटा-ड्रिवन सिस्टम्स और हाई-टेक कैंपस सुविधाओं के साथ यह विश्वविद्यालय प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दे रहा है।

उन्होंने कहा कि कैंपस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करते हुए विश्वविद्यालय ने 250 करोड़ रुपये की लागत से हाई-टेक गर्ल्स हॉस्टल विकसित किया है, जिसमें एआई फेस रिकॉग्निशन, 24×7 स्मार्ट सिक्योरिटी, डिजिटल एक्सेस, हेल्थ-सपोर्ट और स्टूडेंट-फ्रेंडली स्पेसेज़ जैसी उन्नत सुविधाएँ शामिल हैं। इसकी वर्तमान क्षमता 480 बेड है, जिसे बढ़ाकर 4,000 बेड तक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग इसकी गुणवत्ता और वैश्विक मानकों को साबित करती हैं। लगातार तीसरी बार क्यूएस एशिया में भारत की नं.1 प्राइवेट यूनिवर्सिटी का स्थान पाना सीयू की अकादमिक उत्कृष्टता और विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रमाण है।

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