विजय का उत्सव, सेवा का संकल्प
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत नौगढ़ नगर की गायत्री बस्ती में शुक्रवार को विजयदशमी उत्सव का भव्य आयोजन रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज, तेतरी बाजार के सरस्वती सभागार में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, गोरक्ष प्रांत के प्रांत प्रचारक रमेश ने कहा कि संघ का शताब्दी वर्ष, समाज से निकटता का वर्ष विजयादशमी केवल हर्षोल्लास का पर्व नहीं, बल्कि अपने दायित्वों को समझने और समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का संकल्प पर्व है। उन्होंने कहा कि संघ ने अपनी 100 वर्ष की यात्रा सेवा, साधना और अनुशासन के बल पर पूर्ण की है और अब 101वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। यह वर्ष स्वयंसेवकों के लिए “समाज से निकटता का वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है।
प्रांत प्रचारक रमेश जी ने कहा कि विजयादशमी विजय का उत्सव है — धर्म की पुनर्स्थापना, असत्य पर सत्य, अन्याय पर न्याय और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक। इसी दिन वर्ष 1925 में संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने 17 स्वयंसेवकों के साथ संघ की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि “किसी लेखक ने लिखा है, यदि संघ की स्थापना 1915 में हुई होती तो भारत का विभाजन संभव नहीं था, और यदि यह 1935 में हुई होती तो देश के कितने टुकड़े होते, गिनना कठिन होता।
इस दौरान स्वयंसेवकों द्वारा पूर्ण गणवेश में पथ संचलन निकाला गया, जो सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज से प्रारंभ होकर मौर्य लॉज, स्टेशन रोड, सिद्धार्थ चौक, भारत माता चौक होते हुए पुनः विद्यालय परिसर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर संघ चालक रणजीत ने की, जबकि अतिथियों का परिचय सह जिला कार्यवाह अविनाश ने कराया।
इस अवसर पर विभाग प्रचारक राजीव नयन, सह विभाग प्रचारक अजीत, जिला प्रचारक विशाल, जिला कार्यवाह शिवेंद्र सिंह, सह जिला कार्यवाह अविनाश, जिला बौद्धिक शिक्षण प्रमुख योगेश, धनंजय, सौरभ नगर प्रचारक अरुणेश, नगर प्रचार प्रमुख रूपेश, प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार श्रीवास्तव, क्षेत्रीय सांसद जगदंबिका पाल भाजपा जिला अध्यक्ष कन्हैया पासवान सहित अनेक स्वयंसेवक बंधु उपस्थित रहे।





