शहर के 22 जगहों पर अलाव एवं 5 जगहों पर बनाये गए है
बाराबंकी। भीषण शीतलहर को दृष्टिगत रखते हुए मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन द्वारा नगर क्षेत्र में संचालित अलाव एवं रैन बसेरों का औचक निरीक्षण किया गया। सीडीओ द्वारा नगर के प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थलों एवं रैन बसेरों में जलाए जा रहे अलावों की व्यवस्था देखी गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अलाव नियमित रूप से जलते रहें तथा ईंधन की किसी भी प्रकार की कमी न होने पाए।
साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि अलाव के आसपास साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि प्रशासन द्वारा नगर क्षेत्र में कुल 22 चिन्हित स्थलों पर अलाव की व्यवस्था की गई है, वहीं 5 जगहों पर अस्थाई रैन बसेरे भी बनाये गए है जहां ठंड से बचाव के लिए गैस हीट रिफलेक्टर सहित सभी मूलभूत सुविधाये उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे रात्रि में ठहरने वाले व्यक्तियों को पर्याप्त गर्माहट मिल सके।
निरीक्षण के दौरान रैन बसेरों में उपलब्ध कंबल, पेयजल, शौचालय एवं प्रकाश व्यवस्था की भी जांच की गई। जिला अस्पताल में बनाए गए रैन बसेरे के निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी द्वारा वहां ठहरे हुए लोगों से संवाद स्थापित कर उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया गया। इस अवसर पर रैन बसेरे में ठहरे व्यक्तियों ने मिलने वाली सुविधाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया।
सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रैन बसेरों में आने वाले प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि शीतलहर के दृष्टिगत प्रशासन की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण असुविधा या संकट का शिकार न हो। निरीक्षण के समय अधिशासी अधिकारी नगर पालिका सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।





