बंगाल स्कूल सेवा आयोग की ओर से कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद दोबारा 1,806 ‘दागी’ अभ्यर्थियों की एक ‘व्यापक’ सूची नए सिरे से प्रकाशित की गई है। बता दें, इन अभ्यर्थियों को पहले 2016 की (एसएलएसटी) परीक्षा मे योग्य बताया गया था।
बंगाल स्कूल सेवा आयोग ने गुरुवार को 1,806 ‘दागी’ अभ्यर्थियों की एक ‘व्यापक’ सूची नए सिरे से प्रकाशित की, जिन्हें पहले 2016 की राज्य स्तरीय चयन परीक्षा (एसएलएसटी) में सहायक शिक्षक के पदों के लिए योग्य बताया गया था। अभ्यर्थियों और उनके माता-पिता के नाम, उनके द्वारा पढ़ाए जाने वाले विषय, अनुक्रमांक और जन्मतिथि वाली सूची कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में गुरुवार दोपहर अपलोड की गई।
हाई कोर्ट ने एसएससी को ‘अयोग्य’ शिक्षकों के नाम उनकी पहचान के व्यापक विवरण के साथ पुनः प्रकाशित करने का निर्देश दिया था। हालांकि, सूची में उन संबंधित स्कूलों का कोई जिक्र नहीं था, जहां ये ‘दागी’ शिक्षक पिछले लगभग एक दशक से अध्यापन कर रहे थे। यह पूछे जाने पर कि क्या ये ‘दागी’ अभ्यर्थी सितंबर, 2025 में हुई नई भर्ती परीक्षा में बैठने वालों में शामिल हैं, एसएससी के एक अधिकारी ने इससे असहमति जताई।
उन्होंने कहा कि हमने पहले भी दागी शिक्षकों की यही सूची अपलोड की थी। लेकिन इस बार उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार, हमने पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त विवरण शामिल किए हैं। ’उच्चतम न्यायालय ने 2016 की एसएलएसटी में उत्तीर्ण 25,753 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को यह कहते हुए अमान्य घोषित कर दिया था कि पूरी चयन प्रक्रिया ‘दागी और दूषित’ थी, जिसे सुधारा नहीं जा सकता।





