नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खां को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि 16 नवंबर को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच इस मामले की सुनवाई करे। साथ ही आजम खां की अंतरिम राहत की मांग पर भी विचार किया जाएगा।
गिरफ्तारी के खिलाफ उठाया कानूनी कदम
आजम खां ने मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े धनशोधन मामले में ईडी द्वारा की गई गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। उनकी ओर से अदालत में गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत के आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी।
आजम खां के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सुनवाई के दौरान दलील दी कि उनके मुवक्किल को पहले से कई मामलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमानत मिलने के तुरंत बाद नई गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजने का फैसला किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित रिकॉर्ड दो दिनों के भीतर हाईकोर्ट भेजने का निर्देश दिया है। इसके अलावा दोनों पक्षों को अतिरिक्त दलीलें और दस्तावेज दाखिल करने की अनुमति दी गई है।
अब 16 नवंबर को हाईकोर्ट में होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब आजम खां की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच 16 नवंबर को सुनवाई करेगी। इस दौरान गिरफ्तारी को चुनौती देने के साथ-साथ अंतरिम राहत की मांग पर भी विचार किया जाएगा।
फिलहाल आजम खां को सुप्रीम कोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली है। अब उनकी नजर इलाहाबाद हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी है।


