कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी कर राष्ट्रपति को भेजा 20 सूत्रीय ज्ञापन; परीक्षा शुल्क माफ करने और पेपर लीक रोकने की उठाई मांग
संविधान और तख्तियां हाथों में लेकर किया प्रदर्शन, बोले— ‘बार-बार पेपर लीक से बर्बाद हो रहा लाखों युवाओं का भविष्य’
महोबा। दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में महोबा आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन दौरान कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर हाथों में भारत का संविधान और तख्यिां लेकर सरकार के खिलाफ छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो जैसे तमाम नारे लगाकर विरोध जताया। संगठनों ने राष्ट्रपति को छात्रों पर लाठी चार्ज करने और कराने वालों पर कार्रवाई कराए जाने, सरकारी भर्ती व प्रवेश परीक्षाओं का शुल्क समाप्त कराने सहित 20 सूत्रीय संबोधित ज्ञापन एडीएम नमामि गंगे सूर्यकांत त्रिपाठी को सौंपा। शनिवार को महोबा कलेक्ट्रेट परिसर में एकजुट हुए कार्यकर्ताओं ने हाथों में भारत का संविधान और तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन दौरान आजाद समाज पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री नीरज कश्यप ने कहा कि बार बार पेपर लीक होने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि छात्र और उनके माता-पिता मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं, जिसके कारण कुछ छात्रों ने आत्महत्या जैसे कदम उठाए हैं। इसके बावजूद जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठियां बरसाई गईं। भीम आर्मी के जिला संयोजक जगराम वर्मा और कार्यकर्ता संध्या गौतम ने पुलिस कर्मियों की नेम प्लेट गायब होने पर सवाल उठाए। कहा कि नीट, पुलिस भर्ती सहित अन्य परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक और भर्ती घोटालों की घटनाएं सामने आ रही है, इन घटनाओं ने करोड़ों युवाओं के भविष्य और उनके परिश्रम के अलावा उनके अधिकारों को गहरी चोट पहुंचाई हैं।
एडीएम नमामि गंगे को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि सभी सरकारी भर्ती व प्रवेश परीक्षाओं का परीक्ष शुल्क समाप्त किया जाए। महिला अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र उनके गृह जनपदों व पुरूष अभ्यर्थियों के निकटवर्ती जिलों में बनाए जाएं। पेपर लीक भर्ती घोटालों के दोषियों के खिलाफ कठोर एवं समयबद्ध कार्रवाई की जाए। सभी विभागों के रिक्त पदो पर निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूर्ण की जाए। राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी की जाए। भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदषर््िता निष्पक्षता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। प्रतियोगी परीक्षाओं में लागू नाॅर्मलाइजेशन प्रणाली समाप्त किए जाने सहित बीस सूत्रीय मांगों शामिल हैं।





