एनवीडिया प्रमुख जेन्सेन हुआंग को हनीट्रैप में फंसाने की कोशिश

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वाशिंगटन। दुनिया की दिग्गज चिप निर्माता कंपनी एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग को लेकर हनीट्रैप और जासूसी से जुड़ा मामला चर्चा में है। एक चीनी महिला पर कथित तौर पर खुफिया जानकारी हासिल करने के उद्देश्य से संपर्क साधने और हनीट्रैप के जरिए निशाना बनाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस खबर ने अंतरराष्ट्रीय तकनीकी जगत और सुरक्षा एजेंसियों के बीच हलचल बढ़ा दी है।

कौन है ऐलिस हुआंग और क्या है पूरा मामला?

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, महिला की पहचान ऐलिस हुआंग (हुआंग ले) के रूप में हुई है। वह सिंगापुर की डेटा सेंटर कंपनी मेगास्पीड से जुड़ी एक वरिष्ठ अधिकारी रही हैं। अमेरिकी अधिकारियों को संदेह था कि मेगास्पीड के नेटवर्क के जरिए एनवीडिया के अत्याधुनिक एआई चिप्स चीन तक पहुंचाए जा रहे थे, जबकि अमेरिका ने चीन को ऐसे चिप्स की बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखा है।

जांच के दौरान अमेरिकी एजेंसियों को कथित तौर पर ऐलिस हुआंग के चीन के खुफिया तंत्र से संबंध होने के संकेत मिले। रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने जेन्सेन हुआंग के साथ करीबी व्यावसायिक और व्यक्तिगत संपर्क विकसित किए थे। अमेरिकी एजेंसियों को आशंका थी कि इस संपर्क के जरिए कंपनी की रणनीति और महत्वपूर्ण कारोबारी जानकारियां हासिल की जा सकती थीं।

ट्रंप को पहले ही मिल गई थी खुफिया रिपोर्ट

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस कथित जासूसी गतिविधि की जानकारी करीब एक साल पहले दे दी गई थी। हालांकि, उस समय कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई। इसकी वजह एनवीडिया के कारोबार और अमेरिका-चीन के व्यापारिक संबंधों पर संभावित असर को माना जा रहा है।

एनवीडिया ने आरोपों पर क्या कहा?

एनवीडिया ने इन आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि जेन्सेन हुआंग की ऐलिस हुआंग के साथ मुलाकातें सामान्य कारोबारी गतिविधियों का हिस्सा थीं। कंपनी के मुताबिक, उसके क्षेत्रीय क्लाउड ग्राहकों को सामान्य व्यावसायिक जानकारी दी जाती है, न कि कंपनी के गोपनीय व्यापारिक रहस्य या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां।

कंपनी ने यह भी कहा कि मेगास्पीड के जरिए चिप्स की अवैध सप्लाई से जुड़े आरोपों की पहले जांच हो चुकी है और उन्हें खारिज किया गया था।

क्या जेन्सेन हुआंग दोषी हैं?

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो कि जेन्सेन हुआंग को कथित जासूसी गतिविधियों की जानकारी थी या उन्होंने जानबूझकर चीन को कोई गोपनीय जानकारी दी थी। चीन ने भी इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया है। इसलिए इस पूरे मामले को फिलहाल अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के आरोपों और जांच के नजरिए से ही देखा जाना चाहिए।

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