अवधनामा संवाददाता
सड़क इंटरलॉकिंग चकमार्ग को बेकार कर की जा रही मनमानी
समाज सेवी अधिकारी कर्मचारियों से शिकायत करने का बना रहे है मन
सड़कों को बेकार कर गायब हो जाते हैं जल जीवन मिशन के ठेकेदार, ग्रामीण परेशान
बाराबंकी। वैसे तो जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर जल की आपूर्ति की परिकल्पना करता है। लेकिन हकीकत में तो कुछ और ही देखने को मिल रहा है. उत्तर प्रदेश की अधिकतर ग्राम पंचायत में जल जीवन मिशन को सफल बनाने के लिए पाइपलाइन का विस्तार हो रहा है. लेकिन हकीकत यह है की पाइपलाइन डालने के लिए अच्छी से अच्छी सड़कों को भी खोद कर मिट्टी में मिलने का काम हो रहा है. अगर ताजा उदाहरण की बात करें तो बाराबंकी के विकासखंड सिद्धौर की ग्राम पंचायत कोठी में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइपलाइन डाली जा रही है लेकिन आरसीसी इंटरलॉकिंग खड़ंजे चक मार्ग को खोदकर कूड़े में मिलाया जा रहा है .मानक के विपरीत कार्य कराया जा रहा है जिससे आम जनमानस परेशान है. यहां तक की ग्राम पंचायत के लोगों की मांग है कि ग्राम पंचायत में पाइपलाइन भले ही ना डाली जाए लेकिन हमारी जो बड़ी मुश्किल से सड़के बनी है उनको बेकार न किया जाए. सड़कों को खोदकर पाइप डालने की बात कही जा रही है लेकिन सड़क खोद कर डाल दिया जाता है. जिससे आवागमन भी बाधित हो रहा है. इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं को भी दावत दिया जा रहा है अगर मेन रोड की बात करें तो बंदा बहराइच मार्ग के किनारे पाइप लाइन डाली जा रही थी संतोष साहू करिकपूरवा के घर के पास मिट्टी निकाल कर डाल दिया गया जिससे एक ऑटो रिक्शा मिट्टी पर चढ़कर पलट गया. जिसमें गंभीर चोटे भी आई आसपास के लोगों ने ऑटो चालक की जान बचाई. इसके बाद जल जीवन मिशन के ठेकेदार को ग्रामीणों ने जमकर आ शब्द गालियां भी दिया यही हकीकत है कि ठेकेदार की मनमानी चरम पर है। अब देखना यह बड़ी बात है कि इस पर अधिकारी कर्मचारी क्या संज्ञान लेते हैं।





