Tuesday, March 10, 2026
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सरकारी ज़मीन और तालाब पर कब्जे का आरोप

आलापुर,अम्बेडकरनगर जनपद के आलापुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा बहरामपुर में इन दिनों सरकारी भूमि और तालाब पर अवैध कब्जे के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के एक कथित भू-माफिया द्वारा सरकारी जमीन और सार्वजनिक उपयोग की तालाब भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया है, जिससे गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम सभा बहरामपुर में स्थित तालाब की भूमि, जिसका गाटा संख्या 440 बताया जा रहा है, पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। यह तालाब पहले गांव के लिए जल संरक्षण, पशुओं के उपयोग और पर्यावरण संतुलन का प्रमुख स्रोत हुआ करता था। ग्रामीणों का कहना है कि अब इस तालाब की भूमि को चारों तरफ से घेरकर निजी संपत्ति की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे तालाब का अस्तित्व ही संकट में पड़ गया है।

स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि तालाब की भूमि पर अवैध रूप से निर्माण कार्य भी कराया गया है, जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है और जल संरक्षण की व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पहले यह तालाब पूरे इलाके के लिए पानी का अहम स्रोत था, लेकिन अब धीरे-धीरे उसका स्वरूप समाप्त होता जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि गाटा संख्या 251 की सरकारी भूमि पर भी अवैध कब्जा कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि इस जमीन पर एक निजी स्कूल का निर्माण कर दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना वैध अनुमति के सरकारी जमीन पर इस तरह का निर्माण कार्य कानून का खुला उल्लंघन है।

ग्रामीणों के मुताबिक इस मामले को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रशासन इस मामले में उदासीन क्यों बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी गरीब व्यक्ति द्वारा थोड़ी सी भी सरकारी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जाती है तो प्रशासन तुरंत कार्रवाई करता है, लेकिन जब बड़े स्तर पर सरकारी भूमि और तालाब पर कब्जा किया जाता है तो कार्रवाई में देरी क्यों होती है। इससे आम जनता के बीच प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सही तरीके से जांच कराई जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकेगी। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और तहसील प्रशासन से मांग की है कि गाटा संख्या 440 की तालाब भूमि को तत्काल कब्जामुक्त कराया जाए और उसकी मूल स्थिति बहाल की जाए, साथ ही गाटा संख्या 251 पर बने अवैध निर्माण की भी जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी भूमि और तालाब जैसी सार्वजनिक संपत्तियां पूरे समाज की धरोहर होती हैं। इन्हें बचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि समय रहते ऐसे अवैध कब्जों पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाली पीढ़ियों को इसका गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

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