काबुल में हुए विस्फोटों के बाद अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों पर गोलीबारी की, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
काबुल में हुए विस्फोटों के बाद अफगानिस्तान ने रविवार को पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों पर गोलीबारी की। इन हमलों से क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ गई है। ईरान पर अमेरिकी इजरायली हमलों और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान की जवाबी कार्रवाई से क्षेत्र पहले से अशांत है।
कतर और सऊदी अरब सहित कई देशों ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से संयम बरतने का आह्वान किया है और युद्धविराम में मध्यस्थता करने की पेशकश की है।
अफगानिस्तान का पाकिस्तान पर जवाबी हमला
तालिबान शासित अफगानिस्तान को पिछले सप्ताह पाकिस्तानी हमलों का सामना करना पड़ा है। इसके तहत पाकिस्तान अफगानिस्तान के सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमले कर रहा है। दूसरी तरफ अफगानिस्तान भी पाकिस्तान पर जवाबी हमले कर रहा है। उसने बड़े पैमाने पर पाकिस्तानी सैनिकों को मारने और उसकी चौकियों को नुकसान पहुंचाने का दावा किया है।
पाकिस्तान अफगानिस्तान पर आतंकियों को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है, जिससे अफगानिस्तान ने हमेशा इन्कार किया है। पीटीआई के अनुसार, पाकिस्तान के एक मंत्री ने रविवार को घोषणा की कि अफगान तालिबान के खिलाफ अभियान जारी है।
पाकिस्तानी मंत्री ने किया खबरों का खंडन
संसदीय मामलों के संघीय मंत्री तारिक फजल चौधरी ने उन खबरों का खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि पाकिस्तान ने अपना अभियान रोक दिया है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट मीडिया पर झूठी और मनगढ़ंत खबरें फैलाई जा रही हैं कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ अपना अभियान रोक दिया है।
वास्तविकता इसके विपरीत है। मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति को देखते हुए वायुसेना और ड्रोन फुटेज को मीडिया के साथ साझा करना अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इस निर्णय का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और परिचालन रणनीति की रक्षा करना है, न कि अभियानों को रोकना।





