Sunday, March 29, 2026
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HomeUttar PradeshLalitpurभारतीय संस्कृति के संवाहक रहे आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज

भारतीय संस्कृति के संवाहक रहे आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज

स्मृति समाधि महामहोत्सव पर श्रद्धालुओं ने की संगीतमय पूजन
आचार्य छत्तीसी विधान में किए अर्घ समर्पित
 
ललितपुर। संत शिरोमणि आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज के स्मृति समाधि महामहोत्सव पर श्रद्धालुओं ने आज अभिनंदनोदय अतिशय तीर्थ पर मुनि अविचलसागर महाराज के ससंघ सानिध्य में प्रभु अभिषेक शान्तिधारा के उपरान्त आचार्यश्री की संगीतमय पूजन कर अर्घ श्रद्धापूर्वक समर्पित किए। आचार्य छत्तीसी विधान में आचार्यश्री का गुणानुवाद कर आचार्यश्री को नमोस्तु निवेदित किया। सुबह मूलनायक अभिनंदननाथ भगवान के सम्मुख शान्तिधारा मुनि अविचल सागर महाराज के मुखारविन्द से हुई। आचार्यश्री की संगीतमय पूजन हुई जिसमें दिगम्बर जैन पंचायत समिति, आदर्श महिला संभाग बडा मंदिर, जैन मिलन मुख्य शाखा, सिविल लाइन, नंदा सुनंदा महिला संभाग, दिगम्बर जैन महिला मण्डल, साधू वैयावृत्ति महिला मण्डल, नीली श्राविका महिला मण्डल, प्रतिभा स्थली महिला मण्डल, विद्या पुनीत महिला मण्डल, सुधा सिंधू महिला संभाग, आदिनाथ महिला जैन मिलन, सुधकलश भक्ताम्मर महिला मण्डल, अभिनंदनोदय पाठशाला, चंद्रप्रभु जैन मिलन डोडाघाट, अरिहंत शाखा जैन मिलन, पूर्णमति महिला मण्डल, वद्र्धमान संभाग महिला मण्डल, जैन मिलन बाहूवलिनगर, विद्यागुरू महिला मण्डल, ब्राह्मी सुन्दरी संभाग, विद्यापूजन मण्डल, जिनवाणी सुरक्षा गु्रप, चंदप्रभु महिला मण्डल एवं पाठशाला की बहिनों ने भक्तिपूर्वक अर्घ समर्पित किए। सायंकाल अभिनंदनोदय तीर्थ पर महाआरती का आयोजन हुआ जिसमें भक्तों ने गुरूवंदना की और विश्व वंदनीय अपराजेय साधक युग दृष्टा आचार्यश्री को नमन किया। गौरतलब रहे आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज की समाधि एक वर्ष पूर्व छत्तीसगढ़ के चंदोदय तीर्थ डोगरगढ़ में हुई जो जैन जगत ही नहीं समूचे राष्ट्र के लिए अपूर्णीय छति रही।
समाधि स्थल पर पहुचे गुरूभक्त
आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज के प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव पर गुरूभक्तों ने समाधिस्थल चन्द्रोदय तीर्थ डोगरगढ में पहुंचकर समाधि भूमि को नमन किया। समाधि स्थल पर मुनिसंघ के सानिध्य में गुरूवंदना एवं विन्यांजलि देश के गृहमंत्री के मुख्य आतिथ्य हुई जिसमें गुरूदेव के उपकारों का स्मरण करते हुए उन्हें जनजन के हृदयरथ में विराजित युग पुरूष बताया।
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