आयतुल्ला अली खामेनाई की शहादत के शोक में मजलिस आयोजित की गयी जिसमें लोगो ने अपने धर्मगुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की इमाम बारगाह फरमान हुसैन मौहल्ला नूरियो सराय में आयतुल्ला अली खामेनाई की शहादत की खबर से माहौल गमगीन हो गया लोगों को अपने धर्मगुरु की याद में रोते हुए देखा गये माहे रमजान में रोजा इफ्तार भी आम दिनों की तरह नहीं किया गया घरों में इफ्तारी भी नहीं बनायी गयी महिलाएं बच्चे और बुजुर्ग जवान शहीद हुए धर्मगुरु अयातुल्ला अली खामेनाई की याद में बिलख बिलख कर रो रहे थे ।
धर्मगुरु की शहादत के शोक में रविवार की रात में मजलिस आयोजित की गयी जिसमें कर्बला के शहीदों को याद करते हुए धर्मगुरु अयातुल्ला खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी मजलिस में मर्सिया शमाईम रज़ा ने पेश किया शायर पैकर संभली ने कहा कि अली वाले सर को कटा सकते हैं लेकिन जालिम के सामने झुका नहीं सकते 14 सौ साल पहले भी कर्बला के मैदान में हंक और बातिल की जंग में इमाम हुसैन को शहीद किया गया था आज सारी दुनिया में इमाम हुसैन को याद किया जाता है और जालिम यजीद पर लानत भेजी जाती है आयतुल्ला अली खामेनाई की शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा और इनके कातिलों का दुनिया से नामों निशान मिटने में ज्यादा समय नहीं लगने वाला है मजलिस में सुहैल अब्बास ने खिताब करते हुए इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की शहादत बयान की बाद मजलिस के मातम और नोहाख्वानी की गयी। लोगों ने आयतुल्ला अली खामेनाई की शहादत के गंम में फातेहा पढी.





