सिद्धार्थनगर। बीएसए कार्यालय के सभागार में टीचर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (टीएफआई) के बैनर तले उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ, उप्र जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ और उप्र महिला शिक्षक संघ के जनपदीय पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक मंगलवार को आयोजित की गई। बैठक में 2010 से पूर्व टीईटी अनिवार्यता की समाप्ति को लेकर जारी संघर्ष की सफलता की रणनीति तैयार की गई।
पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में टीईटी की अनिवार्यता से बड़ी संख्या में शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। इस संबंध में सरकार तक अपनी बात मजबूती से पहुंचाने के लिए 26 फरवरी को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए रणनीति तैयार की गई।
विभिन्न ब्लॉकों में संपर्क अभियान चलाने, अधिक से अधिक शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से प्रदर्शन करने पर जोर दिया गया। सभी शिक्षक गुरुवार को दोपहर एक बजे बीएसए कार्यालय पर एकत्रित होंगे और पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे और प्रधानमंत्री को संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी को सौंपेंगे।
पदाधिकारियों ने सभी शिक्षकों से एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की और कहा कि यह संघर्ष शिक्षकों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए किया जा रहा है। बैठक में उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के राधेरमण त्रिपाठी, योगेंद्र पांडेय, लालजी यादव, महिला शिक्षक संघ की सुषमा सिंह,रश्मि जायसवाल व शशिकला सिंह, जूनियर शिक्षक संघ के रमेश मिश्र, कलीमुल्लाह व दिलीप चौधरी आदि उपस्थित रहे।





