कर्नाटक। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार बेलगावी की हिंडालगा जेल से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को धमकी भरे फोन कॉल मामले की गहन जांच करेगी। दरअसल, एक कॉलर ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी के नागपुर कार्यालय में धमकी भरा फोन किया था और उनसे 100 करोड़ रुपये की मांग की थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि वे जल्द इस मामले को सुलझा लेंगे।
अंडरवल्र्ड डॉन के गिरोह का सदस्य
रविवार को पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पता चला है कि नीतिन गडकरी को फोन करने वाला व्यक्ति का नाम जयेश पुजारी है जो कि हिंडालगा जेल का कैदी है। उसे एक हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था और अदालत मे उसे मौत की सजा सुनाई थी। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार के बाद पुजारी ने कथित तौर पर यह भी दावा किया था कि वह दाऊद इब्राहिम गिरोह का सदस्य है। हालांकि, ये आरोपी 2016 में जेल से भाग गया था लेकिन कर्नाटक पुलिस ने इसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया था। इसने पहले भी कई वरिष्ठ अधिकारियों को धमकी भरे फोन किए हैं।
कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी
आरोपी ने नीतिन गडकरी के कार्यालय में फोन किया और उनसे कहा कि वह दाऊद इब्राहिम के गिरोह का आदमी है। इसके बाद उसने नीतिन गडकरी से 100 करोड़ रुपये की मांग की और कहा कि अगर मांग पूरी नहीं हुई तो वो कार्यालय को बम से उड़ा देगा। इसके साथ ही उसने पैसे भेजने के लिए मोबाइल नंबर और कर्नाटक का पता भी दिया था।
मामले की गंभीरता से होगी जांच
सीएम बोम्मई ने कहा, “फोन हिंडाल्गा जेल से किया गया था। हम पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। हमने मामले को काफी गंभीरता से लिया है। कॉल करने वाले व्यक्ति की पृष्ठभूमि की जांच करेंगे।” हालांकि फोन आने के बाद से ही नीतिन गडकरी के कार्यालय और घर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सहायक निरीक्षक के नेतृत्व में नागपुर पुलिस की अपराध शाखा की एक टीम शनिवार देर रात बेलगावी पहुंची।





