Saturday, February 14, 2026
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HomeMarqueeप्रयागराज में दिखा चक्रवाती तूफान ताउते का असर

प्रयागराज में दिखा चक्रवाती तूफान ताउते का असर

Impact of Cyclone Toute seen in Prayagraj

अवधनामा संवाददाता

प्रयागराज :(Prayagraj)  समय से करीब एक महीने पहले देश के दक्षिणी राज्यों में तबाही मचाने वाले चक्रवाती तूफान ताउते का स्थानीय असर सोमवार को आंधी और बारिश के रूप में सामने आया। दिन में धूप-छांव का मौसम फिर शाम को तेज आंधी ने मौसम बदल दिया। कहीं-कहीं बूंदाबांदी हुई और कई इलाकों में गरज चमक के साथ तेज बारिश हुई। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि ताउते का प्रभाव अगले तीन से चार दिन तक रहेगा। मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक इस सप्ताह मौसमी उठापटक बनी रहेगी। आंधी-तूफान, गरज चमक संग बारिश के आसार हैं। बूंदाबांदी से उमस हावी रहेगी।

अमर उजाला ने चक्रवाती झंझावत की सक्रियता की खबर प्रकाशित सोमवार के अंक में बता दिया था कि मौसम में बदलाव होगा। इसके प्रभाव से केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात सहित अन्य प्रदेशोें में न केवल मौसम बदला बल्कि तबाही भी हुई। सोमवार को दिन भर बदरी, घमसी बनी रही। एक से दो बार सूरज निकला पर बादलों ने धूप पर ब्रेक लगाए रखी।

उमस भरे मौसम में किसी तरह दिन बीता पर शाम को तेज हवाएं देखते ही देखते आंधी में बदल गईं। अधिकतर इलाकों  में बिजली गुल हो गई। उमस भरी गर्मी से लोग परेशान रहे। आधे घंटे बाद राहत दी बारिश ने लेकिन बौछारें कमजोर रहीं। गंगापार और यमुनापार के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। शहर में कहीं-कहीं बूंदाबांदी ही हुई। कहीं-कहीं दस से बीस मिनट तक बौछारें पड़ीं। रात में तापक्रम बढ़ने से उमस हावी रही।
मई में रात के न्यूनतम तापमान का रिकार्ड, पारा 28.4
मई महीने में तापमान घटते-बढ़ते स्तर पर मापा गया। अधिकतम तापमान    24 घंटे में करीब दो डिग्री कम होकर 41.5 डिग्री से 39.5 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री से बढ़कर 28.4 डिग्री सेल्सियस मापा गया। रात का यह न्यूनतम तापमान इस सीजन के रिकार्ड स्तर पर रहा। इससे पहले दो मई को 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
15 दिन बाद बंगाल की खाड़ी से आएगा चक्रवाती असर
मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक चक्रवाती तूफान ताउते की आशंका थी, अब यह कुछ दिन असर दिखाएगा, लेकिन कम होगा। 15 दिन बाद बंगाल की खाड़ी से आने वाले चक्रवाती झंझावत का प्रभाव उत्तर भारत के कई राज्यों में दिखेगा। यह ताउते से ज्यादा विकराल हो सकता है। तब तेज बारिश, आंधी-तूफान ज्यादा तबाही मचा सकते हैं।

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