अवधनामा ब्यूरो
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक कामकाज कितने चाक चौबंद हैं इसका नमूना देखना हो तो बदायूं चलना होगा. बदायूं की मृत महिला प्रधान के नाम करीब पौने दो करोड़ रुपये की रिकवरी का नोटिस जारी किया गया है. इस नोटिस को देखने के बाद प्रधान का पति बीमार पड़ गया है. इस नोटिस की सबसे ख़ास बात यह है कि यह महिला सिर्फ सात महीने ग्राम प्रधान रही थी लेकिन रिकवरी का जो नोटिस गया है उसमें आठ साल के भ्रष्टाचार का ज़िक्र है.
मामला बदायूं के जगत ब्लाक के खेड़ा बुज़ुर्ग गाँव का है. यहाँ नजमा बेगम सात महीने ग्राम प्रधान रही थीं. वह साल 2015 में ग्राम प्रधान का चुनाव जीती थीं लेकिन सात महीने बाद ही बीमारी से उनकी मौत हो गई. बदायूं के जिला प्रशासन ने नजमा बेगम के घर पर साल 2010 से 2018 के बीच काम में हुई अनिमितताओं को देखते हुए एक करोड़ 71 लाख, 77 हज़ार 684 की रिकवरी का नोटिस भेजा है.
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नजमा बेगम के घर पौने दो करोड़ रिकवरी वसूली का नोटिस पहुंचा तो पूरा परिवार सहम गया. न तो नजमा से पहले कोई इस परिवार का सदस्य प्रधान था न बाद में बना फिर सात महीने की प्रधानी में आठ साल की वसूली का नोटिस हैरान करने वाला है. इस नोटिस से तो यह पता चलता है कि मृत प्रधान चुनाव जीतने से पांच साल पहले से ही भ्रष्टाचार में लिप्त हो गई थीं और मरने के तीन साल बाद तक बेईमानी में लगी रहीं.