BRIJENDRA BAHADUR MAURYA
वक्फ संपत्तियों में तलाकशुदा महिलाओं को आवास मिले : शाइस्ता अम्बर
पीएम मोदी को दिया प्रोजेक्ट

लखनऊ। आल इण्डिया मुस्लिम वूमेन पर्सनल लॉ बोर्ड की अध्यक्षता शाइस्ता अम्बर प्रधानमंत्री मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात करने के बाद राजधानी के प्रेस क्लब में शुक्रवार को पत्रकारों से रूबरू हुई। तीन तलाक़ को समाप्त करने और मुस्लिम महिलाओं के हितों के लिए लगातार लड़ रही शाइस्ता वक्फ संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त करवा कर तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं के लिए आवास मुहैया कराने का प्रोजेक्ट बना कर पीएम मोदी से मिली थी। उन्होंने बताया कि आज वक्फ संपत्तियों पर नाजायज कब्जे हो रहे हैं और मुस्लिम ला के मुताबिक जरूरतमंदों को उसका उपयोग करने नहीं दिया जा रहा है। पीएम मोदी से मिलने की बात बतातें हुए कहा कि वक्फ की जमीनों से नाजायज कब्जे हटा कर तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं और बुजुर्गों को तीस साल की लीज पर दिया जाए। तलाकशुदा महिलाओं को रोजगारपरक शिक्षा दी जाए जिससे वे अपने पैरों पर खड़ी हो सके। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रोजेक्ट पर सहमती जताने की बात करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने इस प्रोजेक्ट की सराहना की है और इस पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार वक्फ संपत्तियों की जांच करवाए और उसमें शेल्टर होम का निर्माण करे जिससे कि आश्रय हीनों को आवास प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने देश की मुस्लिम महिलाओं को संदेश दिया है कि वह खुद को अकेला या बेसहारा न समझे, सरकार हर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और शीघ्र ही समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
गुजारा भत्ता एक्ट 1986 की बात करते हुए शाइस्ता अम्बर ने कहा कि तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को कानून मेंटेनेंस पाने का अधिकार देता है पर भ्रष्टाचार और धांधली के चलते आम महिलाएं इससे वंचित रह गई है। सन् 2008 में बनाए गए निकाहनामे की बात करते हुए कहा कि निकाहनामे को दुबारा बनाया गया है जो अब अंग्रेजी में भी है और इसमें एक साथ चार फार्म भरने होंगे जिसके कि निकाह की जानकारी दोनों पक्षों, मैरिज ब्यूरो और मौलवियों को दी जा सके और लोग निकाह को खेल समझने की भूल न करें।
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