अमेरिका। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक रैली के दौरान रूस और चीन को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने दोनों देशों पर अमेरिका की जासूसी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि रूस और चीन हमारी जासूसी करते हैं। ट्रंप ने दावा किया कि इस मामले की शुरुआत विरोधी देशों की ओर से हुई थी, लेकिन अब अमेरिका इसे खत्म करने की दिशा में काम कर रहा है।
ट्रंप के इस बयान को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक रणनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रूस और चीन के साथ अमेरिका के संबंध पहले से ही कई मुद्दों पर तनावपूर्ण रहे हैं। जासूसी, साइबर सुरक्षा, सैन्य गतिविधियों और तकनीकी प्रतिस्पर्धा को लेकर तीनों देशों के बीच लगातार खींचतान बनी हुई है।
रैली में ट्रंप ने अपने अंदाज में विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो कुछ शुरू किया गया था, उसे अब समाप्त किया जा रहा है। उनके बयान से अमेरिका की सुरक्षा नीति और रूस-चीन के प्रति सख्त रुख के संकेत मिलते हैं।
हालांकि, ट्रंप के इस बयान के बाद रूस और चीन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। उनके बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर जासूसी और सुरक्षा के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है।


