वॉशिंगटन। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। ताजा सर्वेक्षणों में डेमोक्रेटिक पार्टी को रिपब्लिकन पार्टी पर बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने अपनी पार्टी का बहुमत बचाने की चुनौती है। चुनाव से ठीक पहले ट्रंप की चुनावी रैलियों को लेकर भी काफी चर्चा हो रही है। उन्होंने पहले आयोवा और कंसास की प्रस्तावित रैलियां रद्द की थीं, हालांकि बाद में इन कार्यक्रमों को फिर से बहाल कर दिया गया।
सर्वे में डेमोक्रेट्स को कितनी बढ़त?
RealClearPolling के राष्ट्रीय औसत के मुताबिक, कांग्रेस चुनाव के सामान्य मतदान सर्वे में डेमोक्रेट्स को 51.4 प्रतिशत और रिपब्लिकन को 43.2 प्रतिशत समर्थन मिल रहा है। यानी डेमोक्रेट्स करीब 8.2 प्रतिशत अंकों से आगे हैं।
वहीं NPR/PBS News/Marist के 27 अक्टूबर को जारी सर्वे में संभावित मतदाताओं के बीच डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को 52 प्रतिशत और रिपब्लिकन उम्मीदवारों को 44 प्रतिशत समर्थन मिला। ये आंकड़े चुनाव से पहले डेमोक्रेट्स की स्थिति को दर्शाते हैं, हालांकि राष्ट्रीय सर्वे से प्रत्येक राज्य और सीट का नतीजा तय नहीं होता।
ट्रंप ने क्यों रद्द की थीं रैलियां?
रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप ने आयोवा के डब्यूक और कंसास के सलीना में प्रस्तावित चुनावी रैलियां पहले रद्द कर दी थीं। उनकी जगह फोन के जरिए प्रचार कार्यक्रमों में शामिल होने की योजना बनाई गई थी। बाद में शुक्रवार को इन दोनों रैलियों को फिर से कार्यक्रम में शामिल कर लिया गया।
ट्रंप ने कंसास में रिपब्लिकन उम्मीदवार की स्थिति को मजबूत बताते हुए वहां जाने की जरूरत पर सवाल उठाया था। हालांकि दोनों राज्यों में चुनावी मुकाबला उम्मीद से ज्यादा प्रतिस्पर्धी बताया जा रहा है।
चुनाव में कौन-कौन से मुद्दे हावी?
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में इस बार कई बड़े मुद्दे मतदाताओं के फैसले को प्रभावित कर सकते हैं।
1. महंगाई और महंगा जीवनयापन: खाने-पीने की चीजों, पेट्रोल, गैस और मकानों की बढ़ती कीमतें मतदाताओं की बड़ी चिंता हैं। सर्वे में 34 प्रतिशत संभावित मतदाताओं ने जीवनयापन की लागत को सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बताया।
2. ईरान युद्ध और विदेश नीति: ईरान के साथ सैन्य संघर्ष और उसके कारण ऊर्जा कीमतों पर पड़ रहे असर को लेकर भी ट्रंप प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।
3. लोकतंत्र और सरकारी कामकाज: चुनावी प्रक्रिया, सरकारी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका भी बहस का हिस्सा हैं। Marist सर्वे में 33 प्रतिशत मतदाताओं ने लोकतंत्र की रक्षा को प्रमुख मुद्दा बताया।
4. अवैध प्रवासन: अमेरिका की सीमा सुरक्षा और अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई पर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच मतभेद चुनावी अभियान में प्रमुखता से उठ रहे हैं।
5. स्वास्थ्य सेवाएं: स्वास्थ्य सुविधाओं की लागत और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में बदलाव भी मतदाताओं के लिए अहम विषय हैं।
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3 नवंबर को होगा मतदान, कांग्रेस के भविष्य पर नजर
अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान होगा। इसमें प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर मुकाबला होना है। इन चुनावों से तय होगा कि कांग्रेस के दोनों सदनों में किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा।
रिपब्लिकन पार्टी फिलहाल कांग्रेस में अपना बहुमत बनाए रखने की कोशिश कर रही है, जबकि डेमोक्रेट्स सत्ता संतुलन बदलने के लिए मैदान में हैं।
क्या ट्रंप के लिए बढ़ रही है राजनीतिक चुनौती?
चुनाव से पहले आए सर्वेक्षणों में डेमोक्रेट्स की बढ़त और महंगाई को लेकर मतदाताओं की चिंता ने रिपब्लिकन पार्टी के सामने चुनौती जरूर खड़ी की है। हालांकि चुनावी सर्वेक्षण अंतिम परिणाम नहीं होते। वास्तविक तस्वीर मतदान और मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगी।
अब पूरी दुनिया की नजर 3 नवंबर के अमेरिकी मध्यावधि चुनाव पर है। यह चुनाव न केवल कांग्रेस में सत्ता के संतुलन को प्रभावित करेगा, बल्कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के राजनीतिक माहौल का भी महत्वपूर्ण संकेत देगा।


