लखनऊ। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने को लेकर बड़ा ऐलान किया है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में आयोजित भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में यदि उत्तर प्रदेश में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाती है, तो प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा के महत्वपूर्ण राजनीतिक एजेंडे के रूप में देखा जा रहा है।
UCC यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड का उद्देश्य देश के सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों में समान कानूनी व्यवस्था स्थापित करना है। इस मुद्दे पर देश में लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी है।
अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने 30 अक्टूबर 1990 को अयोध्या में कारसेवकों पर हुई पुलिस फायरिंग की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसी दिन रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं। शाह ने इस घटना को याद करते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि रामभक्तों पर गोली चलाने की घटना को जनता नहीं भूलेगी।
UCC और 2027 का चुनाव बना चर्चा का केंद्र
अमित शाह के इस ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में समान नागरिक संहिता का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। अब देखना होगा कि भाजपा आगामी चुनाव में इस मुद्दे को किस तरह जनता के सामने रखती है और सरकार बनने की स्थिति में इसे लागू करने के लिए क्या कानूनी प्रक्रिया अपनाती है।


