कोच्चि। मर्सिडीज कार से जुड़े टक्कर मामले में कोच्चि के पूर्व पुलिस कमिश्नर ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा है कि इस पूरे मामले को लेकर किसी ने उनसे बात नहीं की। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो उनसे कोई जानकारी मांगी गई और न ही इस संबंध में उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया।
पूर्व कमिश्नर का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब मर्सिडीज कार टक्कर मामले की जांच और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उनके बयान के बाद मामले में उनकी भूमिका और पुलिस की जांच प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
क्या जांच में हुई लापरवाही के लिए पूर्व कमिश्नर जिम्मेदार?
कलिराज महेश कुमार ने कहा कि उन्हें इस मामले में न तो संबंधित न्यायाधीश ने फोन किया और न ही किसी अन्य व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने जांच में हस्तक्षेप करने के आरोपों से भी इनकार किया। उनका कहना है कि उन्होंने मामले की जांच को प्रभावित करने की कोई कोशिश नहीं की।
उन्होंने अपने तबादले को सरकारी सेवा का हिस्सा बताते हुए कहा कि उन्होंने आदेश को स्वीकार कर लिया है। साथ ही उन्होंने बताया कि उच्च अधिकारियों की ओर से उन्हें तबादले का कोई विशेष कारण नहीं बताया गया।
आखिर क्या है पूरा मर्सिडीज हादसा मामला?
यह हादसा 25 अक्टूबर की रात कोच्चि के चेरानेल्लूर इलाके में हुआ था। आरोप है कि एक 17 वर्षीय किशोर तेज रफ्तार मर्सिडीज-बेंज चला रहा था, जिसने स्कूटर सवार 55 वर्षीय जयबालकृष्णन को टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौत हो गई।
मृतक के परिजनों ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। आरोप था कि प्रभावशाली परिवार से जुड़े होने के कारण आरोपी को राहत दी गई। शुरुआत में किशोर को जमानती धाराओं में मामला दर्ज कर थाने से जमानत दे दी गई थी। बाद में विरोध और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 जोड़ी गई।
चार पुलिसकर्मी निलंबित, कमिश्नर का भी हुआ तबादला
मामले की शुरुआती जांच में कथित लापरवाही सामने आने के बाद केरल सरकार ने चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इसके बाद 28 अक्टूबर को कोच्चि के पुलिस कमिश्नर कलिराज महेश कुमार का भी तबादला कर दिया गया। उनकी जगह आर. निशांतिनी को नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया।
अब मामले की जांच जिला अपराध शाखा को सौंप दी गई है। मृतक के परिवार ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व कमिश्नर की सफाई के बाद इस मामले में पुलिस प्रशासन की भूमिका और जांच की जवाबदेही को लेकर सवाल एक बार फिर चर्चा में हैं। हालांकि, पूरे मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।


