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हार्ट रेट 120 के पार! कहीं आपका दिल तो नहीं दे रहा खतरे की घंटी

लखनऊ। दिल की धड़कन का तेज होना कई बार सामान्य शारीरिक गतिविधियों, तनाव या घबराहट के कारण हो सकता है। लेकिन अगर आराम करते समय भी आपकी हार्ट रेट बार-बार 120 बीट प्रति मिनट से ऊपर पहुंच रही है, तो इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। यह शरीर में किसी समस्या का संकेत भी हो सकता है।

क्या होती है सामान्य हार्ट रेट?

एक स्वस्थ वयस्क की आराम करते समय सामान्य हार्ट रेट आमतौर पर 60 से 100 बीट प्रति मिनट होती है। व्यायाम करने, सीढ़ियां चढ़ने, दौड़ने, तनाव लेने या घबराहट के दौरान दिल की धड़कन बढ़ना स्वाभाविक है। हालांकि, बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार तेज धड़कन बने रहना जांच की जरूरत पैदा कर सकता है।

हार्ट रेट 120 के पार होने के क्या हैं कारण?

दिल की धड़कन तेज होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें प्रमुख हैं—

  • तनाव और घबराहट: चिंता या पैनिक की स्थिति में दिल तेजी से धड़क सकता है।
  • शरीर में पानी की कमी: डिहाइड्रेशन के कारण हृदय को तेजी से काम करना पड़ सकता है।
  • बुखार या संक्रमण: शरीर का तापमान बढ़ने पर हार्ट रेट भी बढ़ सकती है।
  • खून की कमी: एनीमिया होने पर शरीर तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है।
  • थायरॉइड की समस्या: थायरॉइड हार्मोन अधिक होने से दिल की धड़कन तेज हो सकती है।
  • कैफीन और कुछ दवाएं: ज्यादा चाय-कॉफी, एनर्जी ड्रिंक या कुछ दवाओं के सेवन से भी धड़कन बढ़ सकती है।
  • दिल की धड़कन से जुड़ी समस्या: कुछ मामलों में हार्ट रिदम की गड़बड़ी यानी अरिदमिया भी इसकी वजह हो सकती है।

कब हो जाएं सावधान?

अगर आराम करने के बाद भी आपकी हार्ट रेट लगातार 120 के आसपास या उससे अधिक बनी रहती है, या ऐसा बार-बार होता है, तो डॉक्टर से जांच कराएं। खासकर यदि इसके साथ चक्कर आना, कमजोरी, सांस फूलना या सीने में असहजता महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें।

सीने में दर्द, सांस लेने में गंभीर परेशानी, बेहोशी या बेहोशी जैसा महसूस होने पर तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। ऐसे लक्षणों में खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल जाने से बचें।

हार्ट रेट नियंत्रित रखने के लिए क्या करें?

  1. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, बशर्ते डॉक्टर ने तरल पदार्थ सीमित करने की सलाह न दी हो।
  2. चाय-कॉफी और एनर्जी ड्रिंक का अत्यधिक सेवन न करें।
  3. नियमित नींद लें और तनाव कम करने के लिए आराम व धीमी सांस लेने जैसी तकनीक अपनाएं।
  4. हार्ट रेट मापते समय कुछ देर शांत होकर बैठें और फिर दोबारा जांचें।
  5. बिना डॉक्टर की सलाह के दिल की धड़कन कम करने वाली दवाएं न लें।

याद रखें

हार्ट रेट का 120 के पार जाना हमेशा गंभीर हृदय रोग का संकेत नहीं होता, लेकिन आराम की स्थिति में लगातार तेज धड़कन की वजह जानना जरूरी है। समय पर जांच और सही उपचार से कई समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है।

 

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