लखनऊ। गोमती नदी के बढ़े जलस्तर और लगातार बने जलभराव की समस्या से निपटने के लिए राजधानी में 12 नए बाढ़ पंपिंग स्टेशन बनाए जाने की तैयारी है। इन पंपिंग स्टेशनों के निर्माण से बारिश और नदी का जलस्तर बढ़ने के दौरान निचले इलाकों से पानी की तेजी से निकासी संभव हो सकेगी। प्रस्तावित परियोजना पर करीब 148 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। प्रस्ताव के मुताबिक ये पंपिंग स्टेशन आईआईएम रोड से किसान पथ तक ग्रीन कॉरिडोर के किनारे बनाए जाएंगे। इनमें आठ पंपिंग स्टेशन की क्षमता 400 किलोलीटर और चार की क्षमता 600 किलोलीटर प्रस्तावित है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद एलडीए और नगर निगम निर्माण कार्य शुरू करेंगे।
इन इलाकों में बनेंगे पंपिंग स्टेशन
प्रस्तावित 12 पंपिंग स्टेशन आईआईएम इंटरसेक्शन, कैल कॉलोनी बसंतकुंज योजना, गऊघाट पुल के पास, सेक्टर-7 गोमतीनगर विस्तार, ग्राम घैला, सीतापुर बंधा रोड, इकाना स्टेडियम के पास, सीजी सिटी ड्रेन, बक्कास, चौरासी, नूरपुर बेहटा और किसान पथ के पास बनाए जाने हैं।
दो दिन में दो फीट तक घट सकता है गोमती का पानी
उधर, गोमती नदी के जलस्तर को लेकर भी राहत की उम्मीद जगी है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार नैमिषारण्य और इटौंजा में पिछले 48 घंटे से जलस्तर स्थिर बना हुआ है। ऐसे में अगले दो दिनों में लखनऊ में गोमती का पानी करीब दो फीट तक घटने की उम्मीद है। हाल में नदी का जलस्तर सामान्य से करीब 2.44 मीटर यानी लगभग आठ फीट ऊपर पहुंच गया था, जिससे फैजुल्लागंज समेत नदी किनारे के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी।
प्रशासन और नगर निगम की ओर से जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी निकालने के लिए पंपिंग व्यवस्था को सक्रिय रखा गया है। संवेदनशील इलाकों की निगरानी के साथ जरूरत के अनुसार पंप और राहत दल मौके पर भेजे जा रहे हैं।





