लखनऊ। उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग में अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती को लेकर गंभीर सवाल उठने के बाद मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। तैनाती की प्रक्रिया में नियमों के पालन और पात्रता को लेकर उठे सवालों के साथ-साथ वित्तीय अनियमितता के आरोपों ने भी मामले को गंभीर बना दिया है।
बताया जा रहा है कि आयोग में विभिन्न पदों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। शिकायतों में आरोप लगाया गया कि कुछ मामलों में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। इसके अलावा वित्तीय मामलों में भी कथित अनियमितताओं की शिकायत की गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित स्तर पर जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान तैनाती से जुड़े दस्तावेजों, आदेशों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है। अधिकारियों के अनुसार जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और नियमों का कहीं उल्लंघन हुआ है या नहीं।
इस पूरे मामले पर जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही जिम्मेदारी तय करने और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





