कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, बागी खेमे के सांसदों के भाजपा में जाने की अटकलों के बीच पार्टी के भीतर और बंगाल इकाई के स्तर पर राजनीतिक समीकरणों को लेकर असमंजस बना हुआ है।
17 सांसदों के भाजपा में जाने का दावा
बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने दावा किया है कि एनसीपीआई में गए 20 बागी सांसदों में से 17 सांसद अक्टूबर में दुर्गापूजा से पहले भाजपा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इस दावे की सभी संबंधित सांसदों ने पुष्टि नहीं की है। कुछ सांसदों ने भाजपा में शामिल होने को लेकर किसी अंतिम निर्णय से इनकार किया है।
पहले भाजपा में जाने की थी चर्चा
रिपोर्ट के अनुसार, बागी सांसदों के सामने शुरुआत में भाजपा में शामिल होने का विकल्प था, लेकिन कुछ सांसदों के विरोध के कारण उस समय यह रास्ता आगे नहीं बढ़ सका। इसके बाद जून में 20 बागी सांसदों ने एनसीपीआई का रुख किया था।
बंगाल भाजपा इकाई का रुख भी चर्चा में
इस पूरे घटनाक्रम में पश्चिम बंगाल भाजपा के स्थानीय नेतृत्व का रुख भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालिया रिपोर्टों में सामने आया है कि पार्टी ने स्थानीय स्तर पर गठबंधन और चुनावी समीकरणों को लेकर अपने फैसले स्पष्ट रखे हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने भी संकेत दिया है कि पार्टी में शामिल होने जैसे फैसले शीर्ष स्तर पर लिए जाते हैं।
अभी अंतिम तस्वीर साफ नहीं
फिलहाल 17 सांसदों के भाजपा में शामिल होने की बात एक राजनीतिक दावा है, जिसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए आने वाले दिनों में इन सांसदों के बयान और भाजपा नेतृत्व के आधिकारिक फैसले इस पूरे घटनाक्रम की दिशा स्पष्ट करेंगे।





