नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के सालबोनी लैंड-ग्रैब मामले में TMC नेता अभिषेक बनर्जी के निजी सचिव (PA) सुमित रॉय को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को अहम सुनवाई हुई। पश्चिम बंगाल सरकार ने अदालत से रॉय की हिरासत में पूछताछ की जरूरत बताई है।
71 लाख रुपये की नकद जमा का दावा
राज्य की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान रॉय के बैंक खाते में 71 लाख रुपये की नकद जमा सामने आई है। उन्होंने कहा कि यह रकम मामले में सामने आए वित्तीय लेनदेन का केवल एक हिस्सा हो सकती है।
कुल लेनदेन करीब 15 करोड़ रुपये
सरकार की ओर से दावा किया गया कि खाते में कुल लेनदेन करीब 15 करोड़ रुपये का है और बड़ी संख्या में ट्रांजेक्शन हुए हैं। राज्य का कहना है कि पूछताछ के दौरान रॉय जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे और कई सवालों के जवाब देने से बचते रहे।
सुप्रीम कोर्ट में आगे क्या हुआ?
यह मामला रॉय की उस याचिका से जुड़ा है जिसमें उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट के 3 अगस्त के आदेश को चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार किया था। सुप्रीम कोर्ट ने पहले जांच एजेंसी से संबंधित बैंक रिकॉर्ड और रॉय से पूछताछ के दस्तावेज पेश करने को कहा था तथा उनकी गिरफ्तारी से मिली अंतरिम सुरक्षा को बढ़ाया था।
बुधवार की सुनवाई में पीठ ने राज्य की ओर से दाखिल रिपोर्ट की प्रति रॉय के वकील को देने का निर्देश दिया और मामले को गुरुवार को आगे सुनने के लिए सूचीबद्ध किया।





