सहारनपुर: सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को ध्वस्त किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए धार्मिक सौहार्द और सभी धर्मों के सम्मान की बात कही।
अखिलेश यादव ने कहा कि “जो दूसरे धर्मों का सम्मान नहीं करते, वे कभी सच्चे सनातनी नहीं हो सकते।” उन्होंने कहा कि दूसरे धर्म की आस्था का सम्मान करना जरूरी है और किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना सनातन की मूल भावना के अनुरूप नहीं है।
‘वसुधैव कुटुंबकम’ का दिया हवाला
सपा प्रमुख ने अपने बयान में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना का उल्लेख करते हुए भाईचारे और धार्मिक सद्भाव बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सच्चे सनातनी वे हैं जो सभी आस्थाओं का सम्मान करते हैं।
कोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई
रिपोर्टों के अनुसार, सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को प्रशासन ने न्यायिक प्रक्रिया के बाद ध्वस्त किया। अधिकारियों के मुताबिक संरचना को सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण माना गया था और अदालत के फैसले के बाद कार्रवाई की गई। वहीं, मस्जिद प्रबंधन से जुड़े पक्ष ने कार्रवाई को लेकर आपत्ति जताई है।
इस मामले के बाद सहारनपुर में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हैं और धार्मिक स्थल से जुड़े विवाद ने एक बार फिर कानून, प्रशासनिक कार्रवाई और धार्मिक सौहार्द को लेकर बहस छेड़ दी है।





