लखनऊ/गोंडा: बहुचर्चित एनआरएचएम घोटाले से जुड़े मामले में पूर्व विधायक मुकेश कुमार श्रीवास्तव के भाई और स्वास्थ्य विभाग के लिपिक अजय कुमार श्रीवास्तव पर विजिलेंस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। विजिलेंस की कार्रवाई के दौरान गोंडा स्थित उनके आवास पर फिर जांच की गई। यह मकान पहले ही परिवार के किसी सदस्य के मौजूद न मिलने पर सील किया जा चुका था।
जांच एजेंसी आय से अधिक संपत्ति के मामले में अजय श्रीवास्तव की चल और अचल संपत्तियों के साथ निवेश और दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। हाल की छापेमारी में लखनऊ और गोंडा समेत कई ठिकानों पर कार्रवाई के दौरान करीब 28 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति सामने आने का दावा किया गया है।
विजिलेंस की जांच में संपत्तियों, कंपनियों, बैंक खातों और जमीनों से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल जारी है। गोंडा के सील मकान समेत अन्य संपत्तियां जांच के दायरे में हैं। मामले में आगे भी कानूनी कार्रवाई और जांच तेज होने की संभावना है।





