नई दिल्ली । यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र बुधवार को भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। बुधवार को सदन की कार्यवाही दोपहर करीब डेढ़ बजे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इस पर प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताई और कहा कि सदन में विपक्ष का आचरण शर्मनाक है। ये लोग लोकतंत्र विरोधी हैं और यही इनका असली चेहरा है।
मंगलवार को भी सदन के बाहर दिया था बयान
इसके पहले मंगलवार को भी सदन में हंगामे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए बयान दिया था कि राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की एसआईटी जांच में साधु संतों की संलिप्तता नहीं मिली है। फिर भी विपक्ष तथ्यों को तोड़-मरोड़कर सनातन, अयोध्या और मंदिर को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। कार्यवाही स्थगित होने के बाद सदन से बाहर आए सीएम ने पत्रकारों से कहा कि जिन लोगों ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाई, भगवान श्रीराम व श्रीकृष्ण के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न खड़े किए। वे आज अयोध्या और आस्था की बात कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा था कि साधु-संतों पर आक्षेप करना, अयोध्या धाम को अपमानित व बदनाम करना, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को बदनाम करना आश्चर्यजनक है। सीएम ने कहा एसआईटी की रिपोर्ट पर एफआईआर दर्ज हुई और आठ लोग पकड़े गए, जिनमें 6 लोग चढ़ावे से जुड़ी हुई धनराशि इधर-उधर करते हुए पाए गए। अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सदन में अध्यक्ष पीठ की अवमानना हुई है। प्लेकार्ड लहराकर कार्यवाही बाधित करने की कोशिश की गई। विपक्ष केवल भ्रम फैलाने और प्रदेश की सकारात्मक छवि को नुकसान पहुंचाने की राजनीति कर रहा है।





