‘हक नहीं मिला तो आर-पार की लड़ाई’, महोबा में प्रदर्शन कर पशुमित्रों ने सौंपा ज्ञापन
महोबा। नियमित वेतन न मिलने, टीकाकरण के भुगतान पर कटौती किए जाने सहित अन्य समस्याओं को लेकर पशुमित्र और मैत्री कार्यकर्ताओं ने पैरावेट संघ के बैनर तले शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय में मौजूद अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के निस्तारण कराए जाने की मांग उठाई साथ ही उन्होंने एफएमडी टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान कार्य का बहिष्कार करने की चेतावनी भी दी है। कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर रहे पशु मित्र लल्लू सिंह ने बताया कि पशुपालन विभाग की रीढ़ कहे जाने वाले ये कार्यकर्ता अब अपने हक के लिए आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। कहा है कि यदि उनकी नियमित मानदेय की मांग जल्द पूरी नहीं हुई, तो वह एफएमडी टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान समेत विभाग के सभी कार्यों का पूर्ण बहिष्कार कर देंगे।
पशु मित्र राजीव कुमार ने बताया कि वह साल 2004 से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। चाहे कड़ाके की ठंड हो, तपती धूप हो या रात का समय, हर परिस्थिति में टीकाकरण, बधियाकरण और पशु गणना का काम मुस्तैदी से करते हैं। इसके बावजूद उन्हें आज तक न तो नियमित वेतन दिया गया और न ही काम के एवज में मिलने वाला पैसा समय पर मिलता है। पशु मित्रों ने बताया कि एफएमडी के छठे चरण के टीकाकरण का केवल 50 प्रतिशत मानदेय ही दिया गया है, जबकि कृत्रिम गर्भाधान का 65 प्रतिशत और पशु गणना का महज 20.4 प्रतिशत भुगतान ही नसीब हुआ है। मोबाइल फीडिंग का खर्च भी वे अपनी जेब से उठाने को मजबूर हैं। बताया कि काम दौरान कोई साथी घायल हो जाए, तब विभाग उसकी सुध तक नहीं लेता। शासन स्तर से 14 जुलाई को मिले आश्वासन और जनवरी में निदेशक के भेजे गए प्रस्ताव के बाद भी अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पूरा बकाया भुगतान और नियमित मानदेय नहीं मिला, तो वह आंदोलन को तेजी के साथ करने के लिए विवश हो जाएंगे।





