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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है भाषा विश्वविद्यालय : प्रो. अजय तनेजा

11वें दीक्षांत समारोह में पदकों की खनक से चमकेगी मेधा, नई सुविधाओं एवं शोध पुस्तकों का होगा लोकार्पण और विमोचन

ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के 11वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रशासनिक भवन के समिति कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने विगत एक वर्ष की उपलब्धियों, शैक्षणिक प्रगति, अनुसंधान, नवाचार, अधोसंरचना विकास तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से प्रकाश डाला।

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https://kmclu.ac.in/

प्रो. तनेजा ने बताया कि विश्वविद्यालय का 11वाँ दीक्षांत समारोह 08 जुलाई 2026 (बुधवार) को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होगा। समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल करेंगी। मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात विचारक एवं राज्यसभा सांसद प्रो. सुधांशु त्रिवेदी दीक्षांत भाषण देंगे। उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय तथा उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह की गरिमा बढ़ाएँगे।

कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित करते हुए पहली बार राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) से ‘B++’ ग्रेड तथा 2.86 CGPA प्राप्त किया है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पारदर्शी प्रशासन एवं सतत शैक्षणिक सुधारों का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के कल्याण के लिए पहली बार 1.50 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड स्थापित किया गया है। वर्तमान में विश्वविद्यालय में 5020 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं तथा शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए शैक्षणिक कार्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख एवं समकालीन शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, माइक्रोबायोलॉजी, जूलॉजी, औद्योगिक रसायन विज्ञान, संगीत एवं अवधी सहित अनेक नए स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारम्भ किए जा रहे हैं। साथ ही बीबीए, बीसीए, एमबीए, एमसीए सहित विभिन्न तकनीकी कार्यक्रमों को एआईसीटीई सहित संबंधित नियामक संस्थाओं से आवश्यक स्वीकृतियाँ प्राप्त हो चुकी हैं। प्रो. तनेजा ने बताया कि विश्वविद्यालय ने परीक्षा प्रणाली में भी उल्लेखनीय सुधार किए हैं। सभी परीक्षाएँ समयबद्ध ढंग से सम्पन्न कराई गईं तथा परिणाम निर्धारित समय में घोषित किए गए। विद्यार्थियों को प्रदान की जाने वाली उपाधियों को नॉन-टियरेबल (Non-Tearable) बनाया गया है तथा सभी डिग्रियों को डिजीलॉकर पर उपलब्ध कराया गया है, जिससे विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से प्रमाणपत्र प्राप्त करने में सुविधा मिल रही है।अधोसंरचना विकास का उल्लेख करते हुए कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में आधुनिक पुस्तकालय, INFLIBNET कॉर्नर, मीडिया स्टूडियो, भाषा प्रयोगशालाएँ, मूट कोर्ट, आर्ट गैलरी, संग्रहालय, योग वाटिका, ओपन जिम, हर्बल गार्डन, सेल्फी प्वाइंट, इंटरनेट क्षमता विस्तार, पार्किंग एवं खेल सुविधाओं का व्यापक विकास किया गया है। उन्होंने बताया कि दीक्षांत समारोह के अवसर पर माननीय राज्यपाल के कर-कमलों द्वारा बाल वाटिका, अतिथि गृह के पाँच नवीनीकृत कक्ष, दिव्यांगजनों की सुविधा हेतु 02 लिफ्ट एवं 03 विशेष शौचालय, 10 अत्याधुनिक फार्मेसी प्रयोगशालाएँ, मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तथा लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) का लोकार्पण किया जाएगा।

कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुसंधान एवं नवाचार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। विभिन्न विभागों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, शोध एवं विकास परियोजनाओं तथा वित्तपोषित अनुसंधान योजनाओं के माध्यम से शोध गतिविधियों को नई गति मिली है। विश्वविद्यालय ने अब तक भारतीय एवं विदेशी शिक्षण संस्थानों, उद्योगों तथा अन्य संगठनों के साथ 71 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को इंटर्नशिप, प्रशिक्षण, संयुक्त शोध तथा रोजगार के व्यापक अवसर प्राप्त हो रहे हैं
प्रो तनेजा ने बताया कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने के लिए विश्वविद्यालय में स्टार्टअप, इनोवेशन, डिजिटल लर्निंग तथा ‘AI for Everyone’ जैसे वैल्यू एडेड पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इंजीनियरिंग एवं कंप्यूटर विज्ञान के विद्यार्थियों द्वारा विकसित नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है तथा विश्वविद्यालय में नवाचार एवं उद्यमिता की संस्कृति को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।भारतीय ज्ञान परम्परा एवं मातृभाषाओं के संरक्षण पर बल देते हुए कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge System) केन्द्र की स्थापना की गई है। साथ ही अवधी भाषा एवं साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से महत्वपूर्ण पहल की गई है तथा आगामी शैक्षणिक सत्र से बी.ए. (अवधी) प्रारम्भ करने की तैयारी पूर्ण कर ली गई है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। स्वास्थ्य जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, योग, महिला सशक्तीकरण, भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय पर्वों तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों का नियमित आयोजन किया गया है। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), एनसीसी एवं खेल गतिविधियों में भी विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की हैं।

दीक्षांत समारोह में 1246 विद्यार्थियों को मिलेगी उपाधि

प्रेस वार्ता के दौरान कुलपति ने बताया कि इस वर्ष कुल 1246 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की जाएँगी, जिनमें 799 स्नातक (UG), 437 स्नातकोत्तर (PG) तथा 10 शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की जाएगी। इनमें 495 छात्राएँ एवं 751 छात्र शामिल हैं।उन्होंने बताया कि कुल 939 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी, 120 विद्यार्थियों ने डिस्टिंक्शन सहित प्रथम श्रेणी तथा 177 विद्यार्थियों ने द्वितीय श्रेणी प्राप्त की है।प्रो. तनेजा ने बताया कि इस वर्ष प्रदान किए जाने वाले 125 पदकों में से 74 पदक छात्राओं तथा 51 पदक छात्रों को प्राप्त हुए हैं। कुल 110 पदक विजेताओं में छात्राओं की हिस्सेदारी 59.20 प्रतिशत है।

11 पुस्तकों का होगा विमोचन

कुलपति ने बताया कि दीक्षांत समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के शिक्षकों द्वारा लिखित एवं संपादित 11 तकनीकी एवं शैक्षणिक पुस्तकों का विमोचन भी अतिथियों द्वारा किया जाएगा, जो विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक कार्यक्रम प्रारम्भ किए जाएँगे, भाषा प्रयोगशालाओं का विस्तार होगा, अधोसंरचना को और सुदृढ़ किया जाएगा, ई-पुस्तकालय विकसित किया जाएगा तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेमिनार, सम्मेलन एवं शोध गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जाएगा। विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, रोजगारपरक एवं मूल्यपरक शिक्षा उपलब्ध कराना है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने सभी मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, शोध एवं नवाचार संबंधी प्रयासों को समाज तक पहुँचाने में उनके सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री विकास, डीन अकादमिक प्रो. सौबान सईद, उप परीक्षा नियंत्रक डॉ. अताउर रहमान, जनसम्पर्क अधिकारी डॉ. शचींद्र शेखर, डॉ. काज़िम रिज़वी, डॉ. जफरुन नकी, श्री मोहसिन हैदर सहित विभिन्न समाचार-पत्रों, टीवी चैनलों एवं डिजिटल मीडिया संस्थानों के पत्रकार उपस्थित रहे।

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