HomeMarqueeमहारानी दुर्गावती की 462 वीं बलिदान दिवस स्मृति में आयोजित हुई सभा

महारानी दुर्गावती की 462 वीं बलिदान दिवस स्मृति में आयोजित हुई सभा

चन्दौली। महारानी दुर्गावती की 462 वीं बलिदान दिवस स्मृति में भारतवर्षीय गोंड आदिवासी महासभा समिति द्वारा आयोजित आदरांजली सभा में गोंड समाज के हित में पुर्व के कार्यकर्ताओं को याद करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। यह सम्मान बाबूलाल गोंड, राजकुमार गोंड,पेनवासी दुर्गा प्रसाद, देवनाथ प्रसाद , हीरा लाल गोंड, राम सूरत प्रसाद ,बनारसी प्रसाद सजनू राम के उत्तराधिकारीयों को सौंपा गया। मुख्य वक्ता डाॅ.उमेश चन्द्र ने “वनवासी”शब्द थोपने के कुत्सित प्रयासों की कड़ी निंदा की और आदिवासी पहचान, गरिमा तथा अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष का आह्वान किया।

उन्होंने बताया कि संविधान सभा में जयपाल सिंह मुंडा ने“वनजाति”शब्द का पुरजोर विरोध किया था।उन्होंने स्पष्ट किया था कि आदिवासी शब्द गरिमापूर्ण है, जबकि“वनवासी” असभ्य और जंगली अर्थ देता है।फिर भी दिल्ली के जनजातीय सम्मेलन में इस अपमानजनक शब्द का प्रयोग किया गया। वक्ताओं ने जनगणना 2027 में गोंड समुदाय को डीलिस्ट करने की साजिश का खुलासा किया।इसे बिना कानूनी प्रक्रिया के डीलिस्टिंग बताया गया।गाजीपुर, बनारस,मऊ, आजमगढ़, सिद्धार्थनगर समेत कई जिलों में प्रगणकों को गोंड जाति को “अन्य”श्रेणी में लिखने के निर्देश दिए गये हैं,जिसका विरोध करते हुए गोंड समाज के विभिन्न संगठनों ने जिलाधिकारीयों को ज्ञापन सौंपा है।

मुख्य मांगें जनगणना में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकना,सभी जनपदों में बिना भेदभाव जाति प्रमाणपत्र जारी करना,छात्रवृत्ति के लिए पारिवारिक सकल वार्षिक आय सीमा 8 लाख रुपये करना,संविदा कर्मियों का न्यूनतम वेतन 30,000 रुपये, अकुशल कर्मी की दैनिक मजदूरी ₹500, कुशल कर्मी की ₹ 700 रुपये प्रति दिन।वक्ताओं ने बाबा साहेब अंबेडकर, पेरियार रमासामी नायकर,जयपाल सिंह मुंडा और महारानी दुर्गावती के संघर्ष को याद करते हुए कहा, “हमारा संघर्ष अब केवल प्रमाणपत्र का नहीं,बल्कि गरिमा, आत्मसम्मान और सामाजिक न्याय का है।

हम शिक्षित होंगे, संगठित होंगे और संघर्ष करेंगे।सभा ने आदिवासी एकता को मजबूत करने और विभाजनकारी ताकतों से सतर्क रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नागेश्वर प्रसाद गोंड तथा विशिष्ट अतिथि के पद पर गंगेश शाह गोंडवाना उप कुल सचिव,प्राचार्य भैरव प्रसाद गोंड,एसी.प्रो. शशिकेश गोंड रहे। सभा में मुख्य रूप से अरूण कुमार, नागेश्वर प्रसाद, शकुंतला गोंड,रेनू गोंड,दुर्गावती गोंड, रविशंकर प्रसाद, रमाशंकर प्रसाद, आदि लोगों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता महासभा के वयोवृद्ध राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बाबूलाल गोंड तथा संचालन श्रीकृष्ण गोंड ने किया। धन्यवाद ज्ञापन घुरहु प्रसाद ने किया।

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