नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (जेवर) से वाणिज्यिक उड़ानें शुरू हो गई हैं, इंडिगो ने लखनऊ से पहली उड़ान संचालित की। यह हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक गेमचेंजर साबित होगा, जिससे सालाना 1.2 करोड़ यात्री सफर कर सकेंगे।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने वैश्विक विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ा दिया है। बहुप्रतीक्षित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (जेवर) से वाणिज्यिक उड़ानों का सफल संचालन शुरू हो गया है। एयरलाइन कंपनी इंडिगो (IndiGo) ने लखनऊ से आई पहली उद्घाटन उड़ान के स्वागत और बेंगलुरु के लिए पहली प्रस्थान उड़ान के साथ यहां हवाई सेवाओं का शंखनाद किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन का परिणाम यह हवाई अड्डा अब केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को ग्लोबल इकोनॉमी से जोड़ने वाला सबसे बड़ा द्वार बन गया है।
लाखों यात्रियों को मिलेगी विश्वस्तरीय सुविधा
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR), पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूरे उत्तर भारत के लिए यह हवाई अड्डा एक बड़ी सौगात है। पहले चरण में इस एयरपोर्ट को प्रतिवर्ष 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों की आवाजाही को सुगमता से संभालने के लिए विकसित किया गया है। आने वाले समय में विस्तार के साथ इसकी क्षमता 7 करोड़ (70 मिलियन) यात्रियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। यात्रियों की लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट टैक्सी, ऐप-आधारित कैब और दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत को जोड़ने वाली बस सेवाओं का भी पुख्ता प्रबंध किया गया है।
पेपरलेस सफर और वाराणसी के घाटों सी भव्यता
नोएडा एयरपोर्ट पर यात्रियों को डिजिटल और बाधारहित अनुभव मिलेगा। ‘डिजिटल यात्रा प्रणाली’ के चलते यात्रियों को भौतिक दस्तावेजों (Physical Documents) की कम से कम आवश्यकता होगी। सेल्फ चेक-इन और सेल्फ बैग ड्रॉप जैसी आधुनिक सुविधाएं समय बचाएंगी। वहीं, टर्मिनल का डिज़ाइन तकनीक और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम है। प्राकृतिक प्रकाश के बेहतरीन उपयोग, जालीदार डिज़ाइन और वाराणसी के घाटों से प्रेरित स्थापत्य शैली के साथ यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अहसास कराता है।
कार्गो हब से यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्टर
यात्री सेवाओं के साथ-साथ यह हवाई अड्डा यूपी की अर्थव्यवस्था और व्यापार के लिए ‘गेमचेंजर’ साबित होने वाला है। एयरपोर्ट पर एयर इंडिया सैट्स (Air India SATS) द्वारा विकसित हाई-टेक कार्गो फैसिलिटी मौजूद है। शुरुआती चरण में यह सालाना 2 लाख मीट्रिक टन माल ढुलाई करने में सक्षम है, जिसे भविष्य में 15 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाया जाएगा। प्रदेश के एक्सप्रेस-वे और डिफेंस व इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़कर यह ई-कॉमर्स, कृषि निर्यात और औद्योगिक सप्लाई चेन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने की योगी सरकार की सराहना
इस ऐतिहासिक मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने इसे भारत के एविएशन सेक्टर के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह हवाई अड्डा व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में अभूतपूर्व वृद्धि करेगा। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार लगातार राज्य को ‘उत्तम प्रदेश’ बनाने के अपने संकल्प को सिद्ध कर रही है।





