चेन्नई को भारत का डेट्रायट कहा जाता है और यह देश में सबसे अधिक फैक्ट्रियों वाला शहर है, जहाँ एक-तिहाई गाड़ियों का निर्माण होता है। तमिलनाडु 2023-24 में 40,121 फैक्ट्रियों के साथ शीर्ष औद्योगिक राज्य है, जिसमें चेन्नई का बड़ा योगदान है।
भारत में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (Manufacturing Sector) तेजी से तरक्की कर रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों के शहरों में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और पार्क डेवलप किए जा रहे हैं। क्या आप जानते हैं भारत में सबसे ज्यादा फैक्ट्रियां किस शहर में है, किस सिटी को कहा जाता है भारत का डेट्राइट ( Indias Detroit)? इस शहर की सबसे बड़ी खासियत है कि यह ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का हब है। इस शहर का नाम है ‘चेन्नई’.. जो भारत के सबसे बड़े औद्योगिक शहरों में से एक है और यहां फैक्ट्रियों की संख्या बहुत अधिक है।
दरअसल, चेन्नई में भारत के तीन बड़े बंदरगाह हैं, जो इसे एक प्रमुख इंडस्ट्रियल, मैन्युफैक्चरिंग और इंपोर्ट-एक्सपोर्ट हब बनाते हैं। आइये आपको बताते हैं चेन्नई को क्यों कहा जाता है भारत का डेट्राइट?
सबसे ज्यादा फैक्ट्री वाला शहर
तमिलनाडु 2023–24 में 40,121 फैक्ट्रियों के साथ भारत का प्रमुख औद्योगिक राज्य बनकर उभरा है, जो देश में सबसे ज़्यादा है। खास बात है कि तमिलनाडु को फैक्ट्रियों के मामले में नंबर 1 मुकाम तक पहुंचाने में सबसे बड़ा योगदान राजधानी चेन्नई और उसके आसपास के इलाकों- श्रीपेरंबदूर, ओरागडम का है, जहां सबसे ज्यादा फैक्ट्रीज हैं, इसलिए चेन्नई भारत में ऐसा शहर है जहां सबसे ज्यादा फैक्ट्रियां हैं।
वहीं, फैक्ट्रियों की संख्या के मामले में यूपी, आंध्रा प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना का नंबर आता है।
- उत्तर प्रदेश – 22,141
- आंध्र प्रदेश – 16,011
- कर्नाटक – 14,984
- तेलंगाना – 13,446
भारत का ‘डेट्रायट’ है चेन्नई
चेन्नई को भारत का डेट्रायट कहा जाता है क्योंकि यह देश का सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल हब है। दिलचस्प बात है कि देश की लगभग एक-तिहाई गाड़ियों का निर्माण यहीं होता है। चेन्नई में Hyundai, BMW, TVS समेत अन्य ऑटोमोबाइल कंपनी के प्लांट हैं। इसके अलावा, यहां ट्रेन के डिब्बे और रक्षा उपकरण, चमड़ा व फुटवियर इंडस्ट्रीज भी हैं।
सॉफ्टवेयर, IT-इनेबल्ड सर्विस इंडस्ट्री और ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए मशहूर तमिलनाडु में इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल और सामान बनाने वाली इंडस्ट्री भी तेज़ी से बढ़ रही है। चेन्नई, तिरुपति और नेल्लोर-चित्तूर के साथ मिलकर देश का ‘ट्राई-सिटी इंडस्ट्रियल ग्रोथ कॉरिडोर’ कहलाता है।
इस राज्य में भारत में सबसे ज़्यादा चालू SEZ और फ़ैक्टरियाँ हैं, जो अलग-अलग सेक्टर में बड़ी क्षमता वाली प्रोडक्शन यूनिट लगाने के लिए बेहतरीन जगह हैं। 2023-24 में अनुमानित GSDP ₹28 लाख करोड़ और FY’22 में $35.17 बिलियन के सामान के एक्सपोर्ट के साथ, यह मैन्युफैक्चरिंग के लिए सबसे अच्छी जगह है।





