स्पाइसजेट वित्तीय संकट से जूझ रही है और सरकार से 1500 करोड़ रुपये का इमरजेंसी लोन मांग रही है, क्योंकि मार्च से कई पायलटों को वेतन नहीं मिला है।
भारत की एयरलाइन कंपनी स्पाइस जेट (SpiceJet) आर्थिक संकट से जूझ रही है और वित्तीय सहायता के तौर पर सरकार से तुरंत लोन की मांग की है। आलम यह है कि इस एयरलाइन कंपनी ने मार्च से कई पायलट्स को सैलरी नहीं दी है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने इस नकदी संकट से बाहर निकलने और अपने ऑपरेशन्स को सुचारू रूप से चलाने के लिए, कंपनी सरकार की ‘इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम’ के तहत 1500 करोड़ रुपये तक का इमरजेंसी लोन पाने की कोशिश कर रही है।
स्पाइसजेट ने बताया है कि मध्य पूर्व में चल रहे मौजूदा संकट जैसे ‘बाहरी चुनौतियों’ की वजह से उनके काम और कैश फ्लो पर बहुत बुरा असर पड़ा है। दरअसल, विमानन ईंधन की लागत बढ़ने से कुछ हवाई रास्तों पर उड़ान भरना मुश्किल हो गया है।
सैलरी में देरी की बात स्वीकारी
स्पाइसजेट के मैनेजमेंट ने पायलटों को दी जाने वाली सैलरी में देरी की बात स्वीकार की है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि वे धीरे-धीरे कर्मचारियों को वेतन दे रहे हैं और मार्च की सैलरी कई कर्मचारियों को दी जा चुकी है। कंपनी के पास फिलहाल, 375 पायलट हैं।
कंपनी के पास मार्च 2026 तक 375 पायलट हैं। इनमें से 2 पायलट ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि उनकी सैलरी में कई महीनों से देरी हो रही है। न्यूज एजेंसी ने स्पाइस जेट के कर्मचारियों के उस वॉट्सऐप को भी चेक किया, जिसमें पायलट और केबिन क्रू समेत 180 कर्मचारी शामिल हैं।
नंबर 2 से नंबर 4
2019 में स्पाइसजेट भारत के एविएशन मार्केट में 15% बाजार हिस्सेदारी के साथ देश की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी थी। लेकिन, अब इसका मार्केट शेयर गिरकर सिर्फ 3.4% रह गया है और यह देश की चौथी सबसे बड़ी एयरलाइन बन गई है। इस साल एयरलाइन के शेयरों में भी 60% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। स्पाइस जेट के शेयरों में साल 2024 से लगातार बिकवाली हावी है और यह 73 रुपये से टूटकर 12 रुपये पर पहुंच गए हैं।





