सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में कालानमक चावल(बुद्धा राइस) किसान सम्मेलन का आयोजन विकास खण्ड बर्डपुर के सभागार में सम्पन्न हुआ। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने उपस्थित कालानमक चावल के क्षेत्र में कार्य करने वाले एफपीओ, किसानों को सम्बोधित करते हुये कहा कि जनपद का कालानमक चावल को एक जनपद एक उत्पाद में चयन किया गया है। जनपद के बर्डपुर में सबसे अधिक व सबसे अच्छा कालानमक चावल का उत्पादन होता है। कालानमक चावल को महात्मा बुद्ध के प्रसाद के रूप में जाना जाता है। कालानमक चावल का थाईलैंड, सिंगापुर व अन्य देशों में मांग अधिक है।
जिलाधिकारी ने कहा कि कालानमक की खेती करने से सामान्य धान की अपेक्षा अधिक आय प्राप्त होगा। कृषि विभाग के विशेषज्ञों द्वारा कालानमक धान की खेती, बीज, रोग प्रबन्धन, हारवेस्टिग तथा निर्यात के बारे में जानकारी दिया गया है। कालानमक धान में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग न कर जैविक उर्वरक का प्रयोग करें जिससे कालानमक चावल की गुणवत्ता ठीक रहेगा। जनपद में कालानमक धान की खेती बढ़ा है।
उन्होंने किसानों से अपील किया कि सभी लोग कालानमक धान की खेती अधिक से अधिक करें। उन्होंने कहा कि कालानमक चावल के निर्यात के लिए अच्छी ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग करें तथा उस पर कालानमक में उपलब्ध पोषक तत्वों एवं लाभ के बारे में अंकित करें। कृषि विभाग द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराया जायेगा। जिलाधिकारी द्वारा अशरफी लाल, दिनेश चौधरी, गंगाराम, चन्द्र मोहन, सूर्यप्रकाश को कालानमक धान की बीज वितरित किया गया।
किसान सम्मेलन में डॉ सर्वजीत एवं डॉ मार्कण्डेय सिंह कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र सोहना द्वारा किसानों को कालानमक धान की खेती के लिए बीज शोधन, नर्सरी तैयार करने, रोग से बचाव, पोषक तत्व प्रबन्धन के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया गया। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक राजेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी रवि शंकर पाण्डेय, जिला उद्यान अधिकारी, डीसी एनआरएलएम, खण्ड विकास अधिकारी बर्डपुर व अन्य अधिकारीगण, एफपीओ, स्वयं सहायता समूह की महिलायें तथा किसान भाई उपस्थित रहे।





