ईदगाह संभल के पूर्व शाही इमाम, प्रसिद्ध इस्लामी विद्वान और कई धार्मिक किताबों के लेखक हज़रत अल्लामा शाह मुफ़्ती मोहम्मद फ़ारूक़ हामिदी क़ादरी रहमतुल्लाह अलैह का 15वाँ सालाना उर्स आज बाद नमाज़-ए-मग़रिब क़ादरी मंज़िल, कोट शर्क़ी संभल में बड़े सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस मौके पर उलेमा, इमाम, सामाजिक लोगों के साथ बड़ी संख्या में आम लोगों ने भी भाग लिया।
हज़रत मुफ़्ती मोहम्मद फ़ारूक़ हामिदी रहमतुल्लाह अलैह ने अपनी पूरी ज़िंदगी इस्लाम की शिक्षा फैलाने, लोगों की धार्मिक रहनुमाई करने, फ़तवे लिखने और समाज की भलाई के कामों में बिताई। आप एक बड़े आलिम, अच्छे लेखक और बेहतरीन शिक्षक थे। आपकी किताबें और धार्मिक सेवाएँ आज भी लोगों के लिए मार्गदर्शन का स्रोत हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत क़ारी मोहम्मद इमरान ने क़ुरआन शरीफ़ की तिलावत से की। इसके बाद सैयद मिन्हाजुल क़ादिर ने नात और मनक़बत पेश की, जिसे लोगों ने बड़े ध्यान और अकीदत से सुना।
इस मौके पर मुफ़्ती मिस्बाहुल हसन नईमी (मुरादाबाद) ने अपने खिताब में हज़रत मुफ़्ती मोहम्मद फ़ारूक़ हामिदी रहमतुल्लाह अलैह की धार्मिक, शैक्षिक और सामाजिक सेवाओं को याद किया। उन्होंने कहा कि मुफ़्ती साहब ने हमेशा मौहब्बत, भाईचारे और एकता का पैगाम दिया।
इसके बाद मौलाना फ़ैज़ान अशरफ़ हामिदी ने शजरा शरीफ़ पढ़ा,सलातो सलाम के बाद मौलाना सैयद यज़दानी मियाँ ने दुआ कराई। उन्होंने मरहूम के लिए मग़फ़िरत, मुसलमानों की तरक्की, देश में अमन और संभल की खुशहाली की दुआ की।
कार्यक्रम के अंत में क़ारी बुरहान अशरफ़ हामिदी और क़ारी ग़ाज़ी अशरफ़ हामिदी की ओर से लंगर का एहतेमाम किया गया, जिसमें सभी लोगों ने हिस्सा लिया। उपस्थित लोगों ने कहा कि वे हज़रत मुफ़्ती साहब के मिशन को आगे बढ़ाते रहेंगे और समाज की भलाई के लिए काम करेंगे।
यह उर्स की महफ़िल हज़रत मुफ़्ती मोहम्मद फ़ारूक़ हामिदी रहमतुल्लाह अलैह की महान सेवाओं को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बनी। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक माहौल में सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर मौलाना नफ़ीस अख़्तर अशरफ़ी, मौलाना क़ारी इरफ़ान लतीफ़ी, मौलाना शुऐब अमजदी, मुफ़्ती मिस्बाहुल हसन नईमी, मौलाना सलीम अशरफ़ हामिदी, मौलाना मुज्तबा हसन अशरफ़ी, क़ारी बद्र आलम निज़ामी,मौलाना नईम अशरफ,क़ारी मोहम्मद इमरान, क़ारी मोहम्मद बिलाल, मौलाना मुईन अशरफ़, मुफ़्ती गुलफ़ाम रज़ा, मुफ़्ती अय्यूब मिस्बाही, मौलाना अकमल रज़ा,मौलाना अहमद अशरफ,मुफ़्ती ज़ैनुल आबिदीन, मौलाना सैयद मोहम्मद रिज़वानी,कारी मआविया हसन,मुगीस अशरफ, कारी फाइक अशरफ हामिदी, सय्यद अरबाब नकवी,हाफिज असद बरकाती,हाफिज जाबिर,हाफिज वसीम अकरम,तथा अन्य कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।





