नाले के पास एक हिरन पर टूट पड़ा कुत्तों का झुंड, बकरी चरा रहे लोगों ने बचाई जान,
सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने घायल हिरण को इटवा लाकर करा रहे इलाज
इटवा सिद्धार्यनगर। मंगलवार को मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के भर भर साथा गांव के पश्चिम स्थित सीवान के परासी नाले के पास कुछ ग्रामीण बच्चें बकरी चरा रहे थे,कि अचानक उन सभी की नज़र आवारा कुत्तों के झुंड से घिरा एक हिरण दिखाई दिया, बकरी चरवाहों ने दौड़ कर आवारा कुत्तों से ज़ख्मी हिरण की जान बचाई, काफ़ी देर तक चरवाहों ने हिरण को घेर रखा था, ताकि कुत्तों से ज़ख्मी हिरण शिकार न हो जाए, चरवाहों ने इस घटना की सूचना गांव के अन्य लोगों ने दी, ग्रामीणों ने वन विभाग को घटना की सूचना देकर बुलाया, तब तक बुरी तरह से घायल नर हिरण जान बचाने के लिए पास के परासी नाले में कूद गई, नाले में पानी कम कीचड़ ज्यादा था, वहीं पर जाकर कराह रही थी, हिरण पूरी तरह भयभीत और थक गई थी, वन विभाग के लोग घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे घायल हिरण को स्थानीय ग्रामीणों की मदद से परासी नाले से सुरक्षित ज़ख्मी हालत में बाहर निकाला, और थ्री व्हीलर टैंपो मगवाकर हिरण को मिठौवा बीट इटवा रेंज तक वन कर्मियों द्वारा ले जाया गया।
वन विभाग के वन दरोगा मनीष पांडेय वन रक्षक सुधीर कुमार, बलराम चौहान, विजय नाथ के साथ गांव के हिरण के मददगार ग्रामीण रामजीत, बुधाई, राजेश कुमार, हेरावन, सालिक, नियाज़ उर्फ बुद्धू, पुजारी आदि लोग मौजूद रहे। वन दरोगा मनीष पांडेय ने बताया कि सीवान में आवारा कुत्तों के झुंड ने टहलते हिरण को अपना शिकार बनाया, मौके पर बकरी चरवाहों सहित अन्य ग्रामीणों की मदद से ज़ख्मी हिरण की जान बच गई है, कुत्तों ने हिरण के पीछे के हिस्से कूल्हे के पास का मांस नोच डाला है, पीठ व पैर में भी थोड़ा बहुत ज़ख्म है, इटवा रेंज पर इलाज़ होना है, पूर्ण रूप से ठीक हो जाने पर ज़ख्मी नर हिरण सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जायेगा, तब कि पूरी तरह स्वस्थ न हो जाए उसका इलाज़ जारी रहेगा।





