गोण्डा। विकास खंड इटियाथोक की ग्राम पंचायत नारे महरीपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गांव का स्वास्थ्य उपकेंद्र पिछले दो वर्षों से बंद पड़ा होने के कारण ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर-दराज के अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान राजमन तिवारी ने बताया कि पंचायत में बीते पांच वर्षों में कई विकास कार्य कराए गए हैं, लेकिन स्वास्थ्य उपकेंद्र का संचालन बंद होने से ग्रामीणों को मूलभूत चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार संबंधित विभाग को अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन गांव स्तर पर सुविधाएं नदारद हैं। स्वास्थ्य उपकेंद्र बंद होने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं लंबे समय से बंद पड़ा भवन अब धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होता जा रहा है।
ग्रामवासियों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि स्वास्थ्य उपकेंद्र को जल्द चालू कराया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को गांव में ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके।





