आजमगढ़। कलेक्ट्रेट भवन के सामने स्थित अंबेडकर पार्क में आजाद अधिकार सेना का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहा। जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता और आमजन सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, जनसुनवाई की विफलता और RTI/IGRS निस्तारण में हो रही लीपापोती के खिलाफ हुंकार भर रहे हैं।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अशोक सिंह ने जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिले की तहसीलों, थानों और अन्य सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार चरम पर है। आज स्थिति यह है कि जनसुनवाई के नाम पर जनता के साथ ‘जनठगई’ की जा रही है। IGRS और RTI के माध्यम से जो शिकायतें की जाती हैं, उनका निस्तारण धरातल पर शून्य है।
अधिकारी केवल कागजी खानापूर्ति कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस धरने में केवल आम जनता ही नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल भाजपा से जुड़े कई लोग भी अपनी पीड़ा लेकर शामिल हुए हैं। जिलाध्यक्ष ने इसे सरकार के प्रशासनिक तंत्र की विफलता बताते हुए कहा कि जब सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता ही खुद को प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं, तो आम आदमी की सुध कौन लेगा? यह साफ दर्शाता है कि अपनी ही सरकार के तंत्र पर अब कार्यकर्ताओं का भरोसा खत्म हो चुका है।
चार दिन बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन का कोई आलाधिकारी आंदोलनकारियों से वार्ता करने या उनकी सुध लेने नहीं पहुँचा है। संगठन ने इस पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारियों की यह संवेदनहीनता उनके अहंकार को दर्शाती है। अशोक सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि प्रशासन ने हमारी मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया और औचक निरीक्षण की प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।





