कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर नौकरी दिलाने के नाम पर युवक से डेढ़ लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने आरोप लगाया है कि उसे रेलवे स्टेशन पर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का भरोसा देकर तीन महीने तक काम कराया गया और बाद में बिना कारण बताए नौकरी से निकाल दिया गया। मामले में पीड़ित ने कानपुर सेंट्रल जीआरपी थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
बजरिया निवासी मनोज सोनकर ने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई थी। नौकरी की तलाश के दौरान उसकी मुलाकात श्याम नगर निवासी सुशील कुशवाह से हुई। आरोपी ने खुद को एटोस एलीवेटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में सुपरवाइजर बताते हुए कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। इसके बदले उसने डेढ़ लाख रुपये की मांग की।
पीड़ित के अनुसार मार्च 2026 में उसने आरोपी को दो किस्तों में 70 हजार और 80 हजार रुपये नकद दिए। इसके बाद 9 मार्च को उसे नौकरी पर रख लिया गया। आरोपी पक्ष ने रेलवे अधिकारी की मुहर लगा एक आई कार्ड भी बनवाकर दिया, जिससे उसे नौकरी वास्तविक होने का विश्वास हो गया।
मनोज ने बताया कि प्रयागराज में अतुल नामक युवक ने उसे ट्रेनिंग दी और स्टेशन के बाहर स्थित एक बैंक में उसका खाता भी खुलवाया गया। उसे हर महीने 17,860 रुपये वेतन मिलने की बात कही गई थी, लेकिन मार्च और अप्रैल में उसके खाते में कुल 12 हजार रुपये ही भेजे गए। जब उसने पूरी सैलरी की मांग की तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया।
पीड़ित का कहना है कि उसे कोई नियुक्ति पत्र या आधिकारिक दस्तावेज नहीं दिए गए थे। केवल आई कार्ड के सहारे उससे काम कराया गया। नौकरी जाने के बाद वह पत्नी के साथ जीआरपी थाने पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। कानपुर सेंट्रल जीआरपी थाना प्रभारी ओम नारायण सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।





