आजमगढ़l राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ, उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय शाखा आजमगढ़ की एक आकस्मिक बैठक मऊ स्थित हॉट एंड कोल्ड होटल के सभागार में आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में आजमगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तीनों जनपद- मऊ, आजमगढ़ एवं बलिया- के समस्त अभियंता सदस्यों ने प्रतिभाग किया। बैठक के दौरान उपस्थित वक्ताओं द्वारा विभागीय समस्याओं पर विस्तृत एवं गंभीर चर्चा की गई तथा इन समस्याओं के समाधान हेतु संवाद के माध्यम से हल निकालने की रणनीति तैयार की गई। वक्ताओं ने विशेष रूप से यह मुद्दा उठाया कि नियम-10 के अंतर्गत नोटिस जारी करने एवं ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने पर अभियंताओं से रिकवरी किए जाने के कारण अभियंताओं में व्यापक रोष व्याप्त है।
इस प्रकार की कार्यवाही से कार्यक्षमता एवं मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। आपदा की परिस्थितियों जैसे आंधी, तूफान एवं तेज वर्षा के दौरान विद्युत आपूर्ति को शीघ्र बहाल करने के लिए यह सुझाव दिया गया कि मेंटेनेंस कार्य हेतु खंड स्तर पर टेंडर की व्यवस्था की जाए, जिससे समयबद्ध ढंग से कार्य संपन्न हो सके। बैठक में यह भी मांग की गई कि किसी भी कर्मचारी अथवा अधिकारी के विरुद्ध बिना समुचित जांच के कोई कार्रवाई न की जाए तथा अधीनस्थों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति हेतु अनावश्यक दबाव न बनाया जाए।
गंभीर मामलों में ही जांच उपरांत स्थानांतरण किया जाए तथा निर्धारित कार्यकाल पूर्ण किए बिना किसी का स्थानांतरण न किया जाए। समीक्षा बैठकों के संदर्भ में यह प्रस्ताव रखा गया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) का समय पूर्व निर्धारित किया जाए तथा कार्यालय अवधि के पश्चात VC आयोजित न की जाए। साथ ही, VC के दौरान किसी भी कर्मचारी के प्रति अमर्यादित भाषा के प्रयोग से बचा जाए। अभियंताओं ने यह भी अवगत कराया कि क्षेत्र के कई उपकेंद्रों पर रात्रि गैंग की अनुपलब्धता के कारण फाल्ट की स्थिति में विद्युत आपूर्ति तत्काल बहाल नहीं हो पाती है।
अतः उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं समय पर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु रात्रि गैंग की व्यवस्था किए जाने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, यह भी बताया गया कि कार्यशाला खंड द्वारा ट्रांसफार्मर ऑयल की पर्याप्त उपलब्धता न होने के कारण क्षेत्र में स्थापित परिवर्तक क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। वर्तमान में केवल 250 केवीए एवं उससे अधिक क्षमता के परिवर्तकों का ही स्पॉट मेंटेनेंस किया जा रहा है, जिसे सभी क्षमता के परिवर्तकों के लिए लागू किए जाने की आवश्यकता है। बैठक में कार्यदायी संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर भी चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि कार्यदायी संस्था द्वारा कार्य न किए जाने की स्थिति में अभियंताओं पर अनावश्यक दबाव बनाया जाता है, जबकि उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई की संस्तुतियों पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जाता।
अंत में, कारपोरेशन के पत्र संख्या 507/RESPO (Uneconomical DTs) दिनांक 21.04.2026 के संदर्भ में यह सुझाव दिया गया कि क्षेत्र में स्थापित अधिक कोर लॉस वाले परिवर्तकों को अनउपयोगी घोषित कर स्क्रैप किया जाए, जिससे प्रणाली की दक्षता में सुधार हो सके। बैठक का समापन इस आशा के साथ किया गया कि उपरोक्त सभी समस्याओं का समाधान वार्ता के माध्यम से शीघ्र कराया जाएगा, जिससे विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं उपभोक्ता हितैषी बनाया जा सके। बैठक की अध्यक्षता इंजीनियर उपेंद्रनाथ चौरसिया एवं संचालन तुषार श्रीवास्तव ने की। बैठक में अधिशासी अभियंता महेश चंद्र विश्वकर्मा सहायक अभियंता संदीप कुमार चंद्रा, महेश कुमार गुप्ता,विक्रम वीर सिंह, कृष्णा यादव, प्रदीप कुमार ,सत्य कुमार ,सुधीर मल ,अजय सरोज ,अंबर यादव शुभम मौर्य ,अमित कुमार, शैलेश कृष्ण आदि उपस्थित रहे।





