भारत के पूर्व क्रिकेटर और चयनकर्ता सलिल अंकोला 2024 में अपनी मां के निधन के बाद डिप्रेशन में चले गए हैं, जिसके लिए वह एक मेंटल हेल्थ केयर सेंटर में अपना इलाज करा रहे हैं।
Salil Ankola Struggling from Depression: भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज और पूर्व नेशनल सेलेक्टर सलिल अंकोला इन दिनों डिप्रेशन से जूझ रहे हैं और फिलहाल पुणे के पास एक मेंटल हेल्थ केयर सेंटर में अपना इलाज करा रहे हैं।
उनकी पत्ती रिया अंकोला ने बताया कि साल 2024 अक्तूबर में अपनी मां के निधन के बाद से वह काफी परेशान थे और उसके बाद जल्द ही बीमार पड़ जाते थे। वो अपनी मां को खोने के गम से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। जब उन्होंने खुद को मानसिक रूप से कमजोर देखा तो उन्होंने ये फैसला लिया कि वह एक अच्छी जगह और शांत वातावरण वाली जगह अपना इलाज कराएंगे।
Salil Ankola डिप्रेशन से जूझ रहे हैं
दरअसल, सलिल अंकोला (Salil Ankola Depression) की पत्नी रिया (Riya Ankola) ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में उनके मुश्किल दिनों को लेकर बताया कि हमारा परिवार इस बात से खुश है कि उन्होंने ये फैसला लिया कि वहटूटकर बिखर जाने की बजाय ब्रेक लेंगे। वह अभी रिकवर हो रहे हैं और रोजाना वर्कआउट कर रहे हैं और जल्द ही वह अपने पहले प्यार जो कि क्रिकेट है और क्रिकेट ही रहेगा, क्योंकि वह हमेशा से एक फाइटर रहे हैं और मुश्किलों को पार करके और मजबूत बनकर लौटे है। हमारा परिवार और दोस्त उनके सपोर्ट के लिए हमेशा खड़े हुए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि क्रिकेट जगत भी उनके हर फैसले का सपोर्ट करता है, फिर वो छोटा ब्रेक लेना हो या फिर खुद को ठीक करना हो। बता दें कि करीब दो दशक पहले सलिल अंकोला शराब की लत के कारण रिहैब गए थे, लेकिन इस बार मामला केवल डिप्रेशन का है तो उन्होंने खुद ही बहुत पहले ही शराब छोड़ दी थी।
BCCI के पूर्व सेलेक्टर रह चुके
58 साल के सलिल अंकोला (Former India Pacer and National Selector) को पिछले कुछ सालों पहले घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में कमेंट्री करते हुए भी देखा जाता था। उन्हें 7 जनवरी 2023 को भारतीय टीम के नेशनल सेलेक्टर के तौर पर चुना गया था और वो इस पद पर अगस्त 2024 तक रहे। इससे पहले वो मुंबई चीफ सेलेक्टर के पद पर 2021-23 तक कार्यरत रहे थे।
28 साल की उम्र में लेना पड़ा संन्यास
इतना ही नहीं, अंकोला (Salil Ankola India) ने पाकिस्तान के खिलाफ 1989 में कराची में अपना एकमात्र टेस्ट मैच खेला था, जिसमें उनके साथ सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) और वकार यूनुस (Waqar Younis) ने भी डेब्यू किया था।
उस मैच में उन्होंने दो विकेट लिए खेल और कुल उन्होंने 20 वनडे मैच खेलते हुए 13 विकेट लिए और 54 प्रथम श्रेणी मैच में 181 विकेट लिए। 1997 में ठुड्डी (चिन) में ट्यूमर होने की वजह से उन्हें मात्र 28 साल की उम्र में क्रिकेट से संन्यास लेना पड़ा था, जिसके बाद वे एक अभिनेता बन गए और कई टीवी धारावाहिकों और फिल्मों में नजर आए।
हालांकि, उनका फिल्मी करियर कुछ खास नहीं रहा और उसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में कमेंट्री की तरफ रुख लिया, लेकिन यहां भी उन्हें कुछ सफलता नहीं मिल पाई।





