प्रदेश में निराश्रित गोवंश के बेहतर भरण-पोषण के लिए 1 से 15 मई तक गौशालाओं का सघन निरीक्षण अभियान चलेगा। इस दौरान अधिकारियों को अवकाश नहीं मिलेगा और भूसा व चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
लखनऊ। प्रदेश में निराश्रित गोवंश के बेहतर भरण-पोषण और गौशालाओं में पर्याप्त चारा सुनिश्चित करने के लिए एक मई से 15 मई तक सघन निरीक्षण अभियान चलेगा।
इस दौरान किसी भी अधिकारी को अवकाश नहीं मिलेगा और निदेशालय से लेकर जिला स्तर तक सभी अधिकारी गौशालाओं का निरीक्षण करेंगे, ताकि कहीं भी गोवंश भूखा-प्यासा न रहे।
पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने विधान भवन स्थित कार्यालय में समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीषण गर्मी को देखते हुए गोवंश को धूप और लू से बचाने के साथ-साथ भूसा, हरा चारा, चोकर, पानी, बिजली और दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए प्रदेश के 18 मंडलों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। ये अधिकारी गौशालाओं का निरीक्षण कर वहां के प्रबंधन, पारदर्शिता, तकनीकी उपयोग और जनभागीदारी को बेहतर बनाएंगे। साथ ही ‘भूसा बैंक’ की व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।
इसके साथ ही प्रत्येक गौशाला में कम से कम 10 कुंतल भूसे का सुरक्षित भंडार रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय स्तर पर किसानों से न्यूनतम दर पर भूसा खरीदने पर जोर दिया गया है। खाली पशु सेवा केंद्र, पशु चिकित्सालय भवन और अस्थायी गोआश्रय स्थलों को भूसा भंडारण के लिए उपयोग में लाने को कहा गया है।
प्रदेश में कुल 60.99 लाख कुंतल भूसा संग्रह का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 20.32 लाख कुंतल भूसा एकत्र किया जा चुका है। हरदोई, महाराजगंज, सहारनपुर, मऊ, देवरिया, गोरखपुर, हमीरपुर, वाराणसी, बदायूं और बांदा जिले इस अभियान में आगे हैं।
वहीं सोनभद्र, इटावा, कन्नौज, लखनऊ और कासगंज को तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में अलग-अलग मंडलों के लिए नोडल अधिकारी नामित किए गए। मंत्री स्वयं आगरा मंडल का निरीक्षण करेंगे।





