इटावा। कुलपति प्रो.डॉ.अजय सिंह के दूरदर्शी मार्गदर्शन में बुधवार को पहला बाल पुनर्वास शिविर अभिनव प्राथमिक विद्यालय,सैफई में शारीरिक चिकित्सा एवं पुनर्वास विभाग(पीएमआर)द्वारा अस्थि रोग विभाग और बाल रोग विभाग के सहयोग से और बेसिक शिक्षा विभाग (समावेशी शिक्षा)के साथ आयोजित किया गया।शिविर का प्राथमिक उद्देश्य विकासात्मक विलंब,शारीरिक अक्षमताओं और अन्य बाल स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त बच्चों की शीघ्र पहचान,मूल्यांकन और प्रबंधन करना था।इस कार्यक्रम का उद्देश्य अभिभावकों और शिक्षकों को प्रारंभिक हस्तक्षेप और पुनर्वास सेवाओं के बारे में जागरूक करना था।शिविर के दौरान,पीएमआर, ऑर्थोपेडिक्स,पीडियाट्रिक्स, फिजियोथेरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी के विशेषज्ञों की एक बहु-विषयक टीम ने दिव्यांग स्कूली बच्चों की विस्तृत जांच और मूल्यांकन किया।सेरेब्रल पाल्सी, विकासात्मक विलंब,शारीरिक विकृतियाँ, पोषण संबंधी कमियाँ और अन्य कार्यात्मक अक्षमताओं जैसी विभिन्न स्थितियों का आकलन किया गया।
कुल 50 बच्चों की जांच की गई,जिनमें से कई को आगे के मूल्यांकन और पुनर्वास के लिए चुना गया।पुनर्वास सेवाओं और चिकित्सा प्रबंधन के संबंध में आवश्यक सलाह प्रदान की गई।माता-पिता और शिक्षकों को घर-आधारित देखभाल, पोषण और नियमित फॉलो-अप के महत्व के बारे में भी परामर्श दिया गया। स्कूल अधिकारियों और प्राथमिक शिक्षा विभाग के सक्रिय सहयोग से शिविर सुचारू रूप से संपन्न हुआ।यह पहल वंचित बच्चों तक पहुँचने और समुदाय-आधारित पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करने में अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई।इस शिविर में पीएमआर विभाग से डॉ.धीरेंद्र कुमार सिंह और डॉ.संजय सिंह, ऑर्थोपेडिक्स से डॉ.अमित अग्रवाल, बाल रोग विभाग से डॉ.नीरज,श्रीमती अर्चना सिन्हा (डीसी समावेशी शिक्षा, एसएसए),फिजियोथेरेपिस्ट श्रीमती अभिलिप्सा और ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट सुश्री मेघा गोयल उपस्थित रही और समावेशी शिक्षा बेसिक शिक्षा विभाग से प्रहलाद कुमार,अवधेश सिंह,अनिल कुमार,सच्चिदानन्द पाण्डेय,अवधेश कुमार,राजेश कुमार,सनेश कुमार,अवधेश कुमार,यशवन्त सिंह सभी स्पेशल एजूकेटर्स का विशेष सहयोग रहा।उक्त जानकारी अर्चना सिन्हा जिला समन्वयक समेकित शिक्षा ने दी।





