परिवारिक समन्वय से खुशहाली का संदेश, दो विधायकों ने की शिरकत
डॉक्टरों को बताया भगवान का रूप, स्वास्थ्य कर्मियों का हुआ सम्मान
टीबी मुक्त भारत अभियान और मानसिक स्वास्थ्य पर भी चला जागरूकता अभियान
फतेहपुर। बिंदकी तहसील क्षेत्र के खजुहा कस्बा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा सास-बहू-बेटा सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक राजेंद्र सिंह पटेल एवं विधायक जयकुमार सिंह जैकी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. धर्मेंद्र सिंह द्वारा अतिथियों को शॉल ओढ़ाकर एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. इश्तियाक अहमद, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुरेंद्र उत्तम सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक राजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि डॉक्टरों को भगवान का रूप माना जाता है, इसलिए चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े सभी कर्मियों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सास-बहू-बेटा सम्मेलन के माध्यम से परिवारों में जागरूकता बढ़ती है, जिससे परिवार खुशहाल और सशक्त बनते हैं।
वहीं विधायक जयकुमार सिंह जैकी ने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य परिवार के तीन महत्वपूर्ण सदस्यों—सास, बहू और बेटे—के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना है, जिससे परिवार में सुख-समृद्धि आती है। एसीएमओ डॉ. इश्तियाक अहमद ने बताया कि आशा बहुओं को प्रसव के दौरान अस्पतालों में ठहरने में आने वाली समस्याओं को दूर करने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि उन्हें बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इस दौरान चिकित्सकों द्वारा प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत लोगों को जागरूक किया गया और बताया गया कि सरकारी अस्पतालों में टीबी सहित कई बीमारियों की दवाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को एनक्यूएएस एवं कायाकल्प पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। सम्मेलन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग ने परिवारिक समन्वय और जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।





