Friday, April 3, 2026
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हनुमान जन्मोत्सव पर काशी हुई ‘भगवामय’, ध्वजा यात्रा में 25 हजार भक्तों का सैलाब

प्राकट्योत्सव पर चहुंओर हनुमान पताका लहराया, प्रभात फेरी निकाली गई…..

वाराणसी। भगवान शिव का 11वां रुद्रावतार हनुमत प्रभु के जन्मोत्सव काशी में धूमधाम के साथ आज गुरुवार को मनाया गया। इस दौरान भक्ति और आस्था का विराट दृश्य देखने को मिला, जब ‘श्री हनुमत् सेवा समिति, नेवादा’ द्वारा आयोजित 23वीं श्री हनुमान ध्वज यात्रा ने शहर के दक्षिणी क्षेत्र को पूरी तरह भगवामय कर दिया। इस भव्य आयोजन में करीब 25 हजार श्रद्धालु शामिल हुए, जबकि 1100 भक्त हाथों में गदा लेकर यात्रा की शोभा बढ़ाते नजर आए। यात्रा का शुभारंभ प्रातः भिखारीपुर तिराहे से हुआ, जहां 11 ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 60 फीट लंबे भव्य रथ पर सजे राम दरबार और पालकी में विराजमान हनुमान जी का विधिवत पूजन किया। इसके बाद 200 से अधिक डमरुओं और ढोल-नगाड़ों की गूंज के साथ यात्रा आगे बढ़ी। ‘जय श्रीराम’ और ‘बजरंगबली की जय’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। करीब 5.25 किलोमीटर लंबे मार्ग पर निकली इस यात्रा में 7 राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

यात्रा की एक विशेष झलक 2 किलोमीटर लंबी ध्वजा श्रृंखला रही, जिसे हजारों भक्तों ने कंधों पर उठाकर आगे बढ़ाया। गदाधारी भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था, वहीं कोनिया की ‘नारी वाहिनी’ ने तलवार और दंड प्रदर्शन कर नारी शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। यात्रा में शामिल आकर्षक झांकियों ने लोगों का ध्यान खींचा। नेवादा का अघोरी दल, जानकीनगर की गर्भगृह प्रतिकृति तथा मध्य प्रदेश का ‘तहलका धमाल बैंड’ विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए 200 से अधिक सेवा शिविर लगाए गए, जहां जूस, लस्सी, छाछ, फल और मेवों का वितरण किया गया।

समिति द्वारा 501 किलोग्राम शुद्ध लड्डू का महाप्रसाद भी भक्तों में वितरित किया गया। कड़ी धूप के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां नंगे पांव ध्वज और पूजन की थाली लेकर यात्रा में शामिल हुईं। इस वर्ष यात्रा के दौरान ‘पवित्र काशी’ अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश भी दिया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने काशी को मांस और मदिरा मुक्त बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में संत-महंतों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से डॉ. चंद्रमौली उपाध्याय, डॉ. एस.एन. सिंह, डॉ. गिरीश चंद तिवारी, डॉ. सुभाष पांडे और डॉ. विनय पांडे शामिल रहे। आयोजन की सफलता में समिति के अध्यक्ष रामबली मौर्य, कोषाध्यक्ष अजय मौर्य, संरक्षक डॉ. संतोष ओझा सहित अन्य पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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