शहर के अवेद्यनाथ सभागार में श्रीराम कथा महोत्सव का सातवां दिन
दिव्य क्षण का आनंद लेते नजर आए श्रद्धालु और राममय हुआ वातावरण
सिद्धार्थनगर। शहर के अवेद्यनाथ सभागार में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव के सातवें दिन का दृश्य अत्यंत भावपूर्ण और अलौकिक रहा। कथा के दौरान भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का प्रसंग जैसे ही प्रस्तुत हुआ, पूरा सभागार जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति में सराबोर होकर इस दिव्य क्षण का आनंद लेते नजर आए और वातावरण पूरी तरह राममय हो गया।
अयोध्या धाम से आए अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक संत गौरव कृष्ण शास्त्री ने अपनी मधुर और प्रभावशाली वाणी में श्रीराम के राज्याभिषेक प्रसंग का सजीव चित्रण किया। उन्होंने बताया कि श्रीराम का राजतिलक केवल सत्ता प्राप्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि धर्म, सत्य और न्याय पर आधारित आदर्श शासन व्यवस्था की स्थापना का संदेश है। रामराज्य में सभी को समान अधिकार और सम्मान प्राप्त था, जहां जनकल्याण सर्वोपरि था।
उन्होंने आगे कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके आदर्शों को अपनाकर ही समाज में समरसता, शांति और विकास संभव है। कथा के दौरान उन्होंने श्रोताओं को मर्यादा, त्याग और कर्तव्य पालन के महत्व से भी अवगत कराया। पूरे कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन, तालियों और जयकारों से सभागार गूंजता रहा। श्रद्धालु भावविभोर होकर कथा का रसपान करते रहे, वहीं कई लोग भक्ति में लीन होकर झूमते भी नजर आए।
श्रीराम कथा महोत्सव का सातवां दिन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम बनकर सभी के मन में गहरी छाप छोड़ गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मनीष शुक्ला, महेश्वर अग्रहरी, संतोष श्रीवास्तव, शिवदत्त अग्रहरि, नीरज श्रीवास्तव, शुभम श्रीवास्तव, संदीप जायसवाल, राघवेंद्र यादव, रमेश गुप्त, रजनीश उपाध्याय, सुनील त्रिपाठी, राकेश त्रिपाठी, अनिल वर्मा, सुनील श्रीवास्तव, श्रीश श्रीवास्तव, पंकज पासवान, देव अग्रहरि आदि की भूमिका रही। बताते चले कि कथावाचक का संगत देने वालों में वतन उपाध्याय आरंगन बादक, आदित्य गोस्वामी तबला वादक व रवि उपाध्याय पैड बादक के साथ पूजन कराने में शेखर दास, अंब्रीश नारायण पांडेय, ब्रम्ह्मानंद रामायणी, अगस्त मिश्र आदि की भूमिका अहम रही।
हवन पूजन में शामिल हुए यजमान
श्रीराम कथा महोत्सव के सातवें दिन हवन पूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसमें मुख्य यजमान महेश्वर अग्रहरी समेत मिट्ठू कसौंधन, सुनील त्रिपाठी, राकेश त्रिपाठी, विनोद कसौंधन, विजय त्रिपाठी, कुसुम कसौंधन, रमेश गुप्ता, अनिल वर्मा आदि रहे।





